Vikas Divyakirti-Awadh Ojha: कोचिंग सेंटर में छात्रों की मौत पर घमासान जारी, विकास दिव्यकीर्ति और अवध ओझा आए मीडिया के सामने, दिया ये बयान
उन्होंने कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए फायर एंड सेफ्टी अधिकारी की नियुक्ति और नियमित सेफ्टी ऑडिट का भी उल्लेख किया।
By : Vpb
Update: 2024-07-31 02:06 GMT
Vikas Divyakirti-Awadh Ojha: नई दिल्ली: ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित राव आईएएस स्टडी सर्कल कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में बारिश के पानी के भरने से तीन छात्रों की मौत के मामले में चुप्पी के आरोप झेल रहे शिक्षक अवध ओझा और दृष्टि आईएएस के मैनेजिंग डायरेक्टर विकास दिव्यकीर्ति का बयान सामने आया है।
Vikas Divyakirti-Awadh Ojha: दृष्टि आईएएस ने अपने एक्स अकाउंट पर बयान जारी कर घटना और उसके बाद की परिस्थितियों पर खेद व्यक्त किया और देरी से प्रतिक्रिया देने के लिए माफी मांगी। टीम दृष्टि ने छात्रों के गुस्से को न्यायसंगत बताते हुए कहा कि सरकार को कोचिंग सेंटरों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए। उन्होंने कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए फायर एंड सेफ्टी अधिकारी की नियुक्ति और नियमित सेफ्टी ऑडिट का भी उल्लेख किया।
Vikas Divyakirti-Awadh Ojha: अवध ओझा ने बयान देकर कोचिंग सेंटरों के लिए चार मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि सभी जरूरी मानक तय होने चाहिए, एक कक्षा में 100 से अधिक बच्चे नहीं होने चाहिए, एडमिशन फॉर्म में कोचिंग सेंटरों को हादसे की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और पूरी प्रक्रिया पर एक कठोर कानून बनना चाहिए। उन्होंने दोषियों की संपत्ति जब्त करने और उन्हें आजीवन कारावास की सजा देने की भी मांग की।
Vikas Divyakirti-Awadh Ojha: सोशल मीडिया पर हो रही आलोचना के बीच, दिव्यकीर्ति ने कहा कि समस्या का स्थायी समाधान यही है कि सरकार दिल्ली में कुछ स्थानों को कोचिंग सेंटरों के लिए चिह्नित करे और सरकार खुद क्लासरूम, पुस्तकालय और छात्रावास तैयार कराए।इस घटना के बाद, एमसीडी ने कई कोचिंग सेंटरों को सील किया था, जिसमें दृष्टि आईएएस भी शामिल था। अब सभी की निगाहें केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा नियुक्त समिति की रिपोर्ट पर हैं, जो एक महीने में पेश की जाएगी।