लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को दीपावली और होली पर मुफ्त एलपीजी सिलेंडर रिफिल देने, अग्निवीरों को चार विभागों की भर्ती में 20 प्रतिशत आरक्षण देने और 1,725 इलेक्ट्रिक बसें खरीदने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा भदोही जिले का नाम बदलकर संत रविदासनगर भदोही करने और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को अतिरिक्त साड़ी उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।

उज्ज्वला योजना के तहत साल में 2 मुफ्त सिलेंडर

कैबिनेट ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के पात्र लाभार्थियों को मुफ्त एलपीजी सिलेंडर रिफिल उपलब्ध कराने की योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 में जारी रखने की मंजूरी दी है। खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज पांडेय के अनुसार, लाभार्थियों को दो मुफ्त सिलेंडर रिफिल दिए जाएंगे। पहला रिफिल अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच दीपावली के अवसर पर और दूसरा जनवरी से मार्च 2027 के बीच होली पर उपलब्ध कराया जाएगा।

योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थियों का बैंक खाता आधार से लिंक होना और आधार प्रमाणीकरण पूरा होना अनिवार्य होगा। राज्य सरकार इस योजना पर कुल 2,142.78 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इस फैसले से पात्र परिवारों को त्योहारों के दौरान रसोई गैस के खर्च में राहत मिलने की उम्मीद है।

धान खरीद के लिए खुलेंगे 4,500 केंद्र

प्रदेश में खरीफ विपणन सत्र के दौरान धान खरीद की तैयारियों को लेकर भी कैबिनेट ने अहम फैसला लिया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धान खरीद केंद्र 15 अक्टूबर 2026 से 15 फरवरी 2027 तक संचालित होंगे, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में खरीद की अवधि 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक निर्धारित की गई है।

मंत्री मनोज पांडेय के मुताबिक, प्रदेश में आठ क्रय एजेंसियों के माध्यम से 4,500 केंद्र खोले जाएंगे। इन केंद्रों के जरिए 65 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि पिछले खरीद सत्र में उत्तर प्रदेश ने देश में सर्वाधिक 62 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की थी। किसानों को खरीद प्रक्रिया में शामिल होने के लिए पीएफएमएस पोर्टल पर पंजीकरण कराने की सुविधा दी जाएगी।

चार विभागों में अग्निवीरों को मिलेगा 20% आरक्षण

योगी कैबिनेट ने अग्निवीरों के लिए सरकारी भर्ती में अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके तहत पुलिस, वन, कारागार और परिवहन विभागों की भर्ती नियमावलियों में संशोधन किया जाएगा। इन चारों विभागों में अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है।

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि भर्ती में अग्निवीरों को अधिकतम 28 वर्ष की आयु तक छूट देने का प्रावधान भी किया गया है। इसके साथ ही लिखित परीक्षा और शारीरिक मापदंड से छूट देने की बात कही गई है, हालांकि मेडिकल फिटनेस अनिवार्य रहेगी। इस फैसले का उद्देश्य सैन्य सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

उत्तर प्रदेश में खरीदी जाएंगी 1,725 इलेक्ट्रिक बसें

शहरी परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने और सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने के लिए कैबिनेट ने 1,725 नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को मंजूरी दी है। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने बताया कि फिलहाल प्रदेश के विभिन्न जिलों में 743 वातानुकूलित बसें संचालित हो रही हैं।

निर्धारित खरीद नीति के तहत टेंडर प्रक्रिया में सबसे कम दर देने वाली पात्र कंपनी यानी एल-1 कंपनी से 50 प्रतिशत बसें खरीदी जाएंगी। बाकी 50 प्रतिशत बसों की खरीद उत्तर प्रदेश के बस निर्माता से की जाएगी। सरकार के इस फैसले से शहरों में सार्वजनिक परिवहन की क्षमता बढ़ाने और इलेक्ट्रिक बसों के इस्तेमाल को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

भदोही का नाम बदलकर होगा संत रविदासनगर भदोही

कैबिनेट बैठक में भदोही जिले का नाम बदलकर संत रविदासनगर भदोही करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बैठक के बाद इसकी जानकारी दी। उनके मुताबिक, यह निर्णय उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की संशोधित धारा 6(2) के तहत लिया गया है। इस प्रावधान के अनुसार, राज्य सरकार अधिसूचना जारी करके किसी राजस्व क्षेत्र का नाम बदल सकती है।

जिले के नाम को लेकर पहले भी बदलाव हो चुका है। वर्ष 1997 में मायावती सरकार ने भदोही जिले का नाम संत रविदास नगर रखा था। वर्ष 2014 में अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी सरकार ने इसका नाम बदलकर भदोही कर दिया था। अब कैबिनेट की नई मंजूरी के बाद जिले का नाम संत रविदासनगर भदोही करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

3.80 लाख से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिलेगी अतिरिक्त साड़ी

कैबिनेट ने प्रदेश में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को निर्धारित वेशभूषा के लिए एक अतिरिक्त साड़ी देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इस फैसले के तहत कुल 3,80,290 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को लाभ मिलेगा।

सरकार इस योजना पर 19.02 करोड़ रुपये खर्च करेगी। अतिरिक्त साड़ी उपलब्ध कराने का उद्देश्य आंगनबाड़ी कर्मियों को कार्यस्थल पर निर्धारित वेशभूषा के लिए जरूरी सुविधा देना है।

कैबिनेट के फैसलों से किन क्षेत्रों को होगा फायदा?

योगी सरकार के इन फैसलों का असर खाद्य एवं रसद, कृषि, रोजगार, शहरी परिवहन और महिला एवं बाल विकास जैसे क्षेत्रों पर पड़ेगा। उज्ज्वला लाभार्थियों को त्योहारों पर गैस रिफिल, किसानों के लिए धान खरीद की व्यवस्था, अग्निवीरों के लिए भर्ती में आरक्षण, इलेक्ट्रिक बसों की खरीद और आंगनबाड़ी कर्मियों को अतिरिक्त साड़ी देने जैसे प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। वहीं, भदोही का नाम बदलने का निर्णय भी बैठक के प्रमुख फैसलों में शामिल रहा।

Tags: