लखनऊ: उत्तर प्रदेश के वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षित साधक रसिक दुलारी शरण की मौत के आठ दिन बाद राधा केलि कुंज आश्रम की ओर से पहला लिखित बयान जारी किया गया। श्री हित राधा केलि कुंज ट्रस्ट ने कहा कि साधक की मौत से महाराज और पूरा परिकर आहत है। ट्रस्ट ने परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि निष्पक्ष जांच में पुलिस प्रशासन का पूरा सहयोग किया जा रहा है।

जांच पूरी होने तक अफवाह से बचने की अपील

ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं और आम लोगों से अपील की कि जांच पूरी होने तक अपुष्ट जानकारी, अफवाह या अनुमान के आधार पर महाराज की छवि खराब करने का प्रयास न करें। ट्रस्ट ने भरोसा जताया कि पुलिस की निष्पक्ष जांच से घटना के वास्तविक तथ्य सामने आएंगे।

अनिरुद्ध आचार्य ने किया प्रेमानंद का बचाव

चर्चित कथावाचक अनिरुद्ध आचार्य ने भी संत प्रेमानंद महाराज का समर्थन किया है। कथा के दौरान उन्होंने कहा कि कुछ लोग टीआरपी और व्यूज के लिए बिना पूरी जानकारी के कुछ भी बोल देते हैं। उन्होंने कहा कि लोग खुद ही जज बनकर फैसला सुनाने लगते हैं। अनिरुद्ध आचार्य ने प्रेमानंद महाराज की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने करोड़ों लोगों को भक्ति मार्ग से जोड़ा है।

बाल संरक्षण आयोग को पत्र

मथुरा श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने यूपी बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष को पत्र लिखा है। उन्होंने आश्रम में रहने वाले नाबालिग बच्चों को लेकर जांच की मांग की। पत्र में कहा गया कि कुछ बच्चों के परिवार उन्हें तलाशने आश्रम पहुंचते हैं और कुछ मामले संदिग्ध भी प्रतीत होते हैं। उन्होंने लापता बच्चों के संबंध में जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की।

CCTV में तनाव में दिखा रसिक

रसिक दुलारी शरण की मौत की पुलिस जांच जारी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक CCTV फुटेज में वह मौत से पहले तनाव में नजर आया। करीब दो घंटे कमरे में रहने के बाद वह धोती पकड़कर बाहर निकला और सीढ़ियों से छत पर पहुंचा। CCTV में वह छत पर बेचैन दिखा। पहले मुंडेर पर बैठा, फिर छत पर लेटा और अचानक उठकर छलांग लगा दी। घटना के समय उसका रूम पार्टनर जुगल शरण केली कुंज गया था। पुलिस अब घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

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