काशी रेलवे स्टेशन का होगा कायाकल्प,10 ट्रैक और 6 प्लेटफॉर्म बनेंगे, रेलमंत्री ने विकास कार्यों का लिया जायजा
4 से बढ़कर 10 होंगे रेलवे ट्रैक
वाराणसी: वाराणसी के काशी रेलवे स्टेशन को आधुनिक और विश्वस्तरीय बनाने की तैयारी है। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्टेशन के पुनर्विकास कार्यों और गंगा पर बन रहे नमो गंगा रेल-सह-सड़क पुल का निरीक्षण किया। योजना के तहत स्टेशन पर रेलवे ट्रैक की संख्या 4 से बढ़ाकर 10 की जाएगी। वहीं, दो नए प्लेटफॉर्म बनने से इनकी संख्या 4 से बढ़कर 6 हो जाएगी। प्लेटफॉर्म की लंबाई भी 600 मीटर की जाएगी।
349.50 करोड़ रुपए से विकसित होगा स्टेशन
स्टेशन के पुनर्विकास की अनुमानित लागत 349.50 करोड़ रुपए है। इसके लिए 304.61 करोड़ रुपए का कार्य आवंटित किया गया है। योजना के तहत उत्तर और दक्षिण दिशा में दो आधुनिक स्टेशन भवन बनाए जाएंगे। दोनों भवन ग्राउंड प्लस दो मंजिल के होंगे। इसके अलावा 10,622 वर्ग मीटर में विशाल कॉनकोर्स और 9 मीटर चौड़ा फुट ओवरब्रिज बनाया जाएगा।
रोजाना 13 हजार यात्रियों को मिलेगी सुविधा
फिलहाल स्टेशन पर रोजाना करीब 1,954 यात्री आते-जाते हैं। विकास कार्य पूरा होने के बाद इसकी क्षमता बढ़कर 13,261 यात्री प्रतिदिन हो जाएगी। ट्रेनों की संख्या भी 16 जोड़ी से बढ़कर 36 जोड़ी हो सकेगी। यात्रियों की सुविधा के लिए 30 लिफ्ट और 23 एस्केलेटर लगाए जाएंगे।
1380 करोड़ से बनेगा नमो गंगा पुल
काशी स्टेशन के पास बनने वाले नमो गंगा रेल-सह-सड़क पुल पर 1,380.87 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसकी लंबाई करीब 1,074.6 मीटर होगी। पुल में 10 स्पैन बनाए जाएंगे। इनमें 108.5 मीटर के 8 और 103.3 मीटर के 2 स्पैन शामिल हैं।
10 मेमू ट्रेनों से गांव और शहर की कनेक्टिविटी
काशी में 10 मेमू ट्रेनों की सेवा भी शुरू की गई है। वाराणसी सिटी से राजातालाब के बीच रोजाना 8 मेमू ट्रेनें चलेंगी। वहीं, बनारस से प्रयागराज रामबाग और रामबाग से औड़िहार तक भी नई रेल सेवाओं का विस्तार किया गया है। इससे किसानों, व्यापारियों, कर्मचारियों और स्थानीय यात्रियों को फायदा मिलेगा।
157 रेलवे स्टेशनों पर बढ़ रहीं सुविधाएं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश के 157 रेलवे स्टेशनों पर आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। सफाई, शौचालय और यात्री सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दिवाली और छठ से पहले शुरू हुई रेल सेवाओं से काशी के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
बरेका कैंटीन में कर्मचारियों के साथ किया भोजन
निरीक्षण के बाद रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) पहुंचे। यहां उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल को पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद कैंटीन में कर्मचारियों के साथ भोजन किया और उनसे बातचीत की। महिला कर्मचारियों से भी कार्यस्थल पर सुरक्षा, सुविधाओं और रेलवे में उनकी बढ़ती भागीदारी को लेकर चर्चा की।
स्लीपर वंदेभारत का किराया भी तय
काशी दौरे के दौरान देश की दूसरी स्लीपर वंदेभारत ट्रेन के संचालन की भी जानकारी सामने आई। दिल्ली तक के सफर के लिए फर्स्ट AC का किराया 3,030 रुपए, सेकंड AC का 2,470 रुपए और थर्ड AC का 1,919 रुपए तय किया गया है। ट्रेन का नियमित संचालन शुरू होने से वाराणसी और दिल्ली के बीच यात्रियों को बेहतर रेल सुविधा मिलेगी।