Uttarakhand : उत्तराखंड में विभागीय बंटवारा: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने रखे प्रमुख विभाग अपने पास, नए मंत्रियों को सौंपी गईं ये जिम्मेदारियां

By :  Dev Verma
Update: 2026-03-22 14:20 GMT

Uttarakhand : देहरादून। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद विभागों का बंटवारा कर दिया है। हाल ही में शामिल किए गए पांच नए मंत्रियों को विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जबकि सीएम धामी ने कई प्रमुख और संवेदनशील विभाग अपने पास ही रखे हैं। यह फैसला 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सरकार को मजबूत और संतुलित बनाने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।

Uttarakhand : मुख्यमंत्री धामी के पास प्रमुख विभाग

पुष्कर सिंह धामी ने शासन की मुख्य कमान अपने नियंत्रण में रखते हुए सामान्य प्रशासन, गृह, कार्मिक, सतर्कता, नियुक्ति एवं प्रशिक्षण, सूचना एवं जनसंपर्क, वित्त, राजस्व, ऊर्जा, पेयजल, औद्योगिक विकास, श्रम, आबकारी, न्याय, नागरिक उड्डयन, आवास और अन्य कई महत्वपूर्ण विभाग स्वयं संभालने का फैसला किया है। इनमें गृह, वित्त और कार्मिक जैसे विभाग शामिल हैं, जो कानून-व्यवस्था, बजट और प्रशासनिक नियंत्रण की रीढ़ माने जाते हैं। इससे शासन संचालन पर उनकी पकड़ मजबूत बनी रहेगी।

Uttarakhand : नए मंत्रियों को मिली जिम्मेदारियां

मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल पांच नए मंत्रियों को उनके अनुभव और क्षेत्रीय संतुलन के आधार पर विभाग सौंपे गए हैं। इनमें शामिल हैं:

मदन कौशिक को वित्त, शहरी विकास, संसदीय कार्य और आवास विभाग मिले हैं।

खजान दास को समाज कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

भरत सिंह चौधरी को परिवहन, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) तथा खादी-ग्रामोद्योग विभाग मिले हैं।

प्रदीप बत्रा को पेयजल, जनगणना और पुनर्गठन विभाग सौंपा गया है।

राम सिंह कैड़ा को आयुष शिक्षा, ऊर्जा और वैकल्पिक ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।

ये विभाग विकास योजनाओं, कल्याणकारी योजनाओं और बुनियादी ढांचे को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

Full View

Uttarakhand : शुक्रवार को लोकभवन में राज्यपाल गुरमीत सिंह ने इन पांच विधायकों खजान दास, मदन कौशिक, भरत सिंह चौधरी, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा को मंत्री पद की शपथ दिलाई थी। इससे धामी सरकार का मंत्रिमंडल अब अधिकतम 12 सदस्यों तक पहुंच गया है। विश्लेषकों का मानना है कि यह विस्तार जातीय, क्षेत्रीय संतुलन साधने और आगामी चुनावों के लिए मजबूत टीम तैयार करने की रणनीति का हिस्सा है। नए मंत्रियों के शामिल होने से सरकार के कामकाज में नई ऊर्जा आएगी और विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से काम हो सकेगा।

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