Supreme Court: बिल्डर और प्रॉपर्टी डीलर्स के लिए सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला,देश में एक जैसा होना चाहिए हाउसिंग एग्रीमेंट
Supreme Court: देश में प्रॉपर्टी के खरीददारों को धोखाधड़ी से बचाने लिए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अहम टिप्पणी की है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि देश भर में बिल्डर और प्रॉपर्टी खरीददारों के बीच डील को लेकर
By : Pradeep Sharma
Update: 2024-07-08 10:34 GMT
नई दिल्ली। Supreme Court: देश में प्रॉपर्टी के खरीददारों को धोखाधड़ी से बचाने लिए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अहम टिप्पणी की है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि देश भर में बिल्डर और प्रॉपर्टी खरीददारों के बीच डील को लेकर एक जैसा नियम बनना चाहिए। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पूरे देश में ही प्रॉपर्टी के खरीददार धोखाधड़ी के शिकार हैं।
Supreme Court: चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली बेंच ने कहा, 'बायर्स पर बिल्डर क्या-क्या चीजें थोप सकते हैं। इसे लेकर एक देशव्यापी नियम होना ही चाहिए। अन्यथा पूरे देश में खरीददारों के साथ बिल्डर धोखा करते रहेंगे।
Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने एडवोकेट अश्विनी उपाध्याय की ओर से 2020 में दाखिल पीआईएल पर सुनवाई करते हुए बेंच ने ये बातें कहीं। बेंच में चीफ जस्टिस के अलावा जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा भी शामिल थे।
Supreme Court: इस केस की सुनवाई के दौरान वकील देवाशीष भारुका ने बताया कि इस मामले में स्टेटस रिपोर्ट सौंपी जा चुकी है। इसके अलावा बिल्डर और बायर्स के बीच अग्रीमेंट की ड्राफ्ट कॉपी भी दी गई है। इसमें राज्य सरकारों की ओर से मिले सुझावों को भी शामिल किया गया है।
Supreme Court: इसके साथ ही अदालत ने अगली सुनवाई 19 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी है। अदालत ने कहा कि इस मामले में क्रेडाई यानी कनफेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डिवेलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की ओर से दी गई आपत्तियों पर भी विचार करना चाहिए।