नई दिल्ली। भारतीय लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने फर्स्ट-क्लास यानी रेड-बॉल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। चहल ने शुक्रवार को इंस्टाग्राम पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए अपने इस फैसले की जानकारी दी। उनका रेड-बॉल करियर 49 फर्स्ट-क्लास मुकाबलों के बाद खत्म हुआ, जिसमें उन्होंने कुल 148 विकेट हासिल किए। हालांकि, चहल ने साफ किया है कि वह क्रिकेट से पूरी तरह दूर नहीं हो रहे हैं और वनडे तथा टी20 फॉर्मेट में भारत के लिए वापसी की कोशिश जारी रखेंगे।

लॉर्ड्स में खेला आखिरी फर्स्ट-क्लास मुकाबला

चहल ने अपना आखिरी फर्स्ट-क्लास मुकाबला नॉर्थम्पटनशायर की ओर से मिडिलसेक्स के खिलाफ लॉर्ड्स में खेला था। यह मुकाबला सितंबर 2026 में हुआ था। इसी मैच के बाद उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट से अपना सफर समाप्त करने का फैसला किया। अपने विदाई संदेश में चहल ने बताया कि टेस्ट कैप हासिल करना उनके लंबे समय से चले आ रहे सपनों में शामिल था, लेकिन यह सपना पूरा नहीं हो सका।

49 मैचों में 148 विकेट का रिकॉर्ड

फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में चहल ने कुल 49 मुकाबले खेले और 148 विकेट अपने नाम किए। इस दौरान उन्होंने छह बार एक पारी में पांच या उससे ज्यादा विकेट लेने का कारनामा किया। उनकी सर्वश्रेष्ठ पारी गेंदबाजी 6/25 रही। अपने आखिरी काउंटी सीजन में नॉर्थम्पटनशायर के लिए चहल ने पांच मैचों में 21 विकेट हासिल किए, जिसमें एक मैच में नौ विकेट भी शामिल रहे।

2009 में हरियाणा से शुरू किया था सफर

चहल ने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में अपना पदार्पण वर्ष 2009 में हरियाणा की ओर से किया था। घरेलू क्रिकेट में रेड-बॉल मुकाबलों के साथ-साथ उन्होंने इंग्लिश काउंटी क्रिकेट में भी अपनी गेंदबाजी का अनुभव बढ़ाया। हालांकि, अपने पूरे करियर के दौरान उन्हें भारत की टेस्ट टीम में खेलने का मौका नहीं मिला।

भारत के लिए 152 इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं

चहल ने भारत के लिए 72 वनडे और 80 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले हैं। उनके नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 217 विकेट दर्ज हैं। वह 2024 टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा रहे थे। फर्स्ट-क्लास क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अब उनका लक्ष्य सीमित ओवरों के क्रिकेट में अपनी जगह दोबारा बनाने पर है।

‘मैं अभी खत्म नहीं हुआ हूं’

अपने पोस्ट में चहल ने रेड-बॉल क्रिकेट के प्रति भावनात्मक जुड़ाव जाहिर करते हुए कहा कि इसी फॉर्मेट ने उन्हें धैर्य, संघर्ष और लंबे समय तक मैदान पर डटे रहने की सीख दी। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि देश के लिए खेलने की उनकी इच्छा अभी कायम है और वह वनडे तथा टी20 फॉर्मेट में एक और मौका हासिल करने के लिए पूरी कोशिश करेंगे।

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