CWG 2026 : भारत का डबल धमाका, पैरा एथलेटिक्स में सोमन राणा ने जीता गोल्ड, शुभम जुयाल को सिल्वर
Commonwealth Games 2026: ग्लासगो। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने पैरा एथलेटिक्स के F57 शॉट पुट फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड और सिल्वर दोनों पदक अपने नाम कर लिए। भारतीय पैरा-एथलीट सोमन राणा ने 13.40 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि शुभम जुयाल ने 13.28 मीटर के अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ रजत पदक पर कब्जा जमाया।
सोमन राणा ने दूसरे प्रयास में मारी बाजी
F57 फाइनल में सोमन राणा ने अपने दूसरे प्रयास में 13.40 मीटर का शानदार थ्रो किया। उनका यह प्रदर्शन किसी भी अन्य खिलाड़ी के लिए चुनौती बन गया और अंत तक कोई भी एथलीट उनसे आगे नहीं निकल सका। इस शानदार प्रदर्शन के साथ राणा ने कॉमनवेल्थ गेम्स में पुरुषों के F57 शॉट पुट में भारत को पहला गोल्ड मेडल दिलाया।
वहीं शुभम जुयाल ने भी मुकाबले की शुरुआत से ही शानदार प्रदर्शन किया। उनका पहला थ्रो 13.08 मीटर का रहा, जबकि आखिरी प्रयास में उन्होंने 13.28 मीटर की दूरी तय कर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। हालांकि, सोमन के 13.40 मीटर के थ्रो ने उन्हें शीर्ष स्थान से पीछे कर दिया।
पहली बार F57 में भारत का डबल पोडियम
सोमन राणा और शुभम जुयाल की इस उपलब्धि ने इतिहास रच दिया है। पुरुषों के शॉट पुट F57 इवेंट में यह भारत का पहला स्वर्ण पदक है। साथ ही, इस स्पर्धा में भारत ने पहली बार एक साथ गोल्ड और सिल्वर यानी डबल पोडियम फिनिश हासिल किया है।
दोनों पदकों के साथ ग्लासगो 2026 में भारत के कुल पदकों की संख्या 30 तक पहुंच गई है। सोमन का गोल्ड इस संस्करण में ट्रैक एंड फील्ड में भारत का तीसरा स्वर्ण पदक भी रहा।
बॉक्सर से पैरा-एथलीट बने सोमन राणा
सोमन राणा की कहानी उनकी इस सफलता को और खास बनाती है। वह कभी भारतीय सेना में कार्यरत रहे और राष्ट्रीय स्तर के बॉक्सर भी थे। वर्ष 2005 की नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में उन्होंने पांचवां स्थान हासिल किया था। लेकिन साल 2006 में पुंछ सेक्टर में हुए एक लैंडमाइन हादसे में उन्होंने अपना दाहिना पैर खो दिया।
इसके बाद उन्होंने हार नहीं मानी और पैरा-एथलेटिक्स को अपना नया लक्ष्य बनाया। साल 2017 में उन्होंने पैरा-एथलेटिक्स में कदम रखा। इसके बाद लगातार मेहनत करते हुए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई।
वर्ल्ड चैंपियनशिप और एशियन गेम्स में भी जीते पदक
सोमन राणा इससे पहले भी देश के लिए कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कर चुके हैं। उन्होंने पिछले साल वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल और पिछले एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था। अब कॉमनवेल्थ गेम्स का गोल्ड उनकी उपलब्धियों में एक और ऐतिहासिक अध्याय बन गया है।
जुयाल ने भी दिखाया दम
शुभम जुयाल ने 13.28 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ रजत पदक हासिल किया। 10 खिलाड़ियों के इस फाइनल में भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार शानदार प्रदर्शन किया और अंत में पोडियम पर पहले और दूसरे स्थान पर भारत का कब्जा रहा। यह प्रदर्शन भारतीय पैरा स्पोर्ट्स की बढ़ती ताकत को भी दर्शाता है।