CWG 2026: छत्तीसगढ़ की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव ने जीता सिल्वर, पिता के संघर्ष और बेटी की मेहनत ने रचा नया इतिहास

Update: 2026-07-27 14:24 GMT

Gyaneshwari Yadav Commonwealth Games 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की युवा वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं के 53 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक अपने नाम किया। अपने पहले ही कॉमनवेल्थ गेम्स में उतरने वाली ज्ञानेश्वरी ने कुल 199 किलोग्राम वजन उठाकर सिल्वर मेडल जीतते हुए देश और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया। उन्होंने स्नैच में 88 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम वजन उठाकर अपनी प्रतिभा का दमदार प्रदर्शन किया।

संघर्ष से सफलता तक का सफर

राजनांदगांव जिले के भोंडिया गांव की रहने वाली ज्ञानेश्वरी यादव का यह सफर आसान नहीं रहा। वर्तमान में वह छत्तीसगढ़ पुलिस में सहायक उपनिरीक्षक (ASI) के पद पर कार्यरत हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने लगातार मेहनत और अनुशासन के दम पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई।

पिता ने सपनों के लिए किया हर संघर्ष

ज्ञानेश्वरी की सफलता के पीछे उनके पिता दीपक यादव का बड़ा योगदान है। स्वयं बॉडीबिल्डिंग से जुड़े रहे दीपक यादव ने परिवार की जिम्मेदारियों के कारण अपना खेल छोड़ दिया, लेकिन बेटी का सपना कभी टूटने नहीं दिया। उन्होंने लंबे समय तक कठिन परिश्रम कर परिवार का पालन-पोषण किया और बेटी की ट्रेनिंग जारी रखी। आर्थिक तंगी के दौर में भी उन्होंने रिश्तेदारों और दोस्तों से उधार लेकर ज्ञानेश्वरी के लिए जरूरी सप्लीमेंट्स और प्रशिक्षण की व्यवस्था की, ताकि उसकी तैयारी प्रभावित न हो।

एक मेले से बदली जिंदगी की दिशा

ज्ञानेश्वरी जब सातवीं कक्षा में थीं, तब एक मेले में उन्होंने पहली बार बच्चों को वेटलिफ्टिंग करते देखा। वहीं से उनके मन में इस खेल के प्रति रुचि जागी। शुरुआत उन्होंने पावरलिफ्टिंग से की और कम समय में शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद पिता ने उन्हें पेशेवर वेटलिफ्टिंग की ओर प्रेरित किया। कोच अजय लोहार विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में उन्होंने नियमित प्रशिक्षण शुरू किया और लगातार नई सफलताएं हासिल करती चली गईं।

उपलब्धियों से भरा रहा करियर

ज्ञानेश्वरी यादव ने जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने के बाद कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में जूनियर और सीनियर वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया। इसके अलावा वह राष्ट्रीय खेलों में भी गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने के बाद अब कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल जीतकर उन्होंने अपने करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ दी है।

युवा खिलाड़ियों के लिए बनी प्रेरणा

ज्ञानेश्वरी यादव की सफलता इस बात का प्रमाण है कि मजबूत इरादे, परिवार का सहयोग और निरंतर मेहनत किसी भी चुनौती को पार कर सकती है। उनका संघर्ष और उपलब्धियां आज देशभर के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं।

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