नई दिल्ली। क्रिकेट के मैदान पर जब कोई टीम चैंपियन बनती है, तो जश्न का माहौल अलग ही होता है। आतिशबाजी, तालियां और हाथों में चमकती हुई ट्रॉफी यह हर खिलाड़ी का सपना होता है। लेकिन अगर कोई टीम फाइनल जीतने के बाद भी मंच पर ट्रॉफी लेने न जाए, तो चर्चा होना लाजिमी है।

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने वूमेंस एशिया कप 2026 के फाइनल में श्रीलंका को 72 रनों से हराकर एक बार फिर इतिहास रच दिया है। टीम ने आठवीं बार यह खिताब अपने नाम किया, लेकिन इसके बाद जो हुआ उसने हर किसी को हैरान कर दिया।

खिलाड़ियों ने प्रेजेंटेशन सेरेमनी में जाने के बजाय सीधे ड्रेसिंग रूम का रुख किया। आखिर ऐसा क्या हुआ कि टीम इंडिया ने एशियाई क्रिकेट काउंसिल (ACC) और PCB प्रमुख मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से साफ इनकार कर दिया? आइए जानते हैं इस पूरे विवाद और फैसले के पीछे की असली सच्चाई।

ड्रेसिंग रूम में मनाया गया जीत का जश्न

फाइनल मुकाबले में श्रीलंका को मात देने के बाद जब प्रेजेंटेशन सेरेमनी की बारी आई, तो एसीसी प्रमुख मोहसिन नकवी खिलाड़ियों को ट्रॉफी देने के लिए वहां मौजूद थे। हालांकि, हरमनप्रीत कौर और उनकी पूरी टीम ने मंच पर जाने से मना कर दिया और वे सीधे ड्रेसिंग रूम लौट गईं।

इसके बाद बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया और उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने ड्रेसिंग रूम में पहुंचकर खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने खिलाड़ियों के साथ जीत का जश्न मनाया और शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें अपने हाथों से मेडल पहनाए।

यह पहली बार नहीं है जब भारतीय टीम ने ऐसा कदम उठाया हो। इससे पहले साल 2025 में सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में पुरुष टीम ने भी एशिया कप जीतने के बाद मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था। वह ट्रॉफी आज भी एसीसी के ऑफिस में ही रखी हुई है।

कोच अमोल मजूमदार ने क्या कहा

मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब हेड कोच अमोल मजूमदार से इस बारे में सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही स्पष्ट लहजे में टीम का रुख साफ किया।

मोहसिन नकवी से ट्रॉफी न लेने का फैसला पूरी तरह से बीसीसीआई का था और हमारी पूरी टीम इस फैसले के साथ मजबूती से खड़ी है।"

कोच ने आगे कहा कि उनके लिए टूर्नामेंट अब खत्म हो चुका है। उन्होंने साफ किया, *हम चैंपियन हैं और हमारे लिए इतना ही काफी है।" जब उनसे यह पूछा गया कि क्या भारतीय टीम को यह ट्रॉफी बाद में मिलेगी या इसे लेकर क्या अपडेट है, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।

श्रीलंका को हराकर आठवीं बार बनीं चैंपियन

मैदान पर भारतीय महिला टीम का प्रदर्शन एक बार फिर लाजवाब रहा। खिताबी मुकाबले में भारत ने श्रीलंका को 72 रनों के बड़े अंतर से हराकर आठवीं बार एशिया कप पर कब्जा जमाया।

बता दें कि वूमेंस एशिया कप के इतिहास में भारत ने जितने भी आठ खिताब जीते हैं, उन सभी में फाइनल में हारने वाली टीम श्रीलंका ही रही है। अब तक कुल 10 बार वूमेंस एशिया कप का आयोजन हुआ है, जिसमें से आठ बार भारत चैंपियन रहा है।


साल 2024 में श्रीलंका ने और 2018 में बांग्लादेश ने भारत को हराकर खिताब अपने नाम किया था। फिलहाल, इन विवादों को पीछे छोड़ते हुए टीम इंडिया का पूरा ध्यान आने वाले एशियन गेम्स पर है।

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