Asian Games 2026: नई दिल्ली। भारतीय निशानेबाज इलावेनिल वलारिवन ने आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत पदक जीत लिया। रविवार को हुए फाइनल में इलावेनिल ने 252.4 अंक हासिल किए। जापान की हिनाता ताइची ने 253 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि दक्षिण कोरिया की ह्यो-जिन बान को कांस्य मिला।

आखिरी शॉट्स में बदला मुकाबला

इलावेनिल ने फाइनल की शुरुआत से ही लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और लंबे समय तक पहले स्थान पर बनी रहीं। हालांकि, अंतिम चरण में जापान की हिनाता ने बेहतर निशाना लगाते हुए बढ़त बना ली। दोनों के स्कोर में सिर्फ 0.6 अंक का अंतर रहा। हिनाता ने 253 अंक के साथ गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया।

एशियाड में इलावेनिल का दूसरा रजत

यह आइची-नागोया एशियन गेम्स में इलावेनिल का दूसरा पदक है। इससे पहले उन्होंने सोनम मस्कर और विदर्सा कोचलुमकल के साथ महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में भी रजत पदक जीता था। इस तरह भारत के दोनों पदक अब तक शूटिंग से आए हैं और दोनों रजत हैं।

सोनम मस्कर छठे स्थान पर

इसी स्पर्धा के फाइनल में पहुंची भारत की दूसरी निशानेबाज सोनम मस्कर छठे स्थान पर रहीं। क्वालिफिकेशन में उन्होंने 634.1 अंक हासिल किए थे। फाइनल में कुल आठ निशानेबाजों ने हिस्सा लिया।

उधार की राइफल से शुरू हुआ सफर

इलावेनिल का शूटिंग करियर करीब 12-13 साल की उम्र में शुरू हुआ। उन्होंने एक परिचित की बेटी को एयर राइफल से अभ्यास करते देखा और जिज्ञासा में खुद राइफल उठाई। प्रतिभा नजर आने के बाद उन्होंने राइफल कैंप में हिस्सा लिया। 15 साल की उम्र में उन्होंने गगन नारंग की ‘गन फॉर ग्लोरी’ अकादमी में प्रशिक्षण शुरू किया।

जूनियर विश्व रिकॉर्ड से एशियाड रजत तक

2018 में इलावेनिल ने जूनियर विश्व कप में स्वर्ण जीता और क्वालिफिकेशन में जूनियर विश्व रिकॉर्ड बनाया। 2019 में उन्होंने सीनियर विश्व कप में 10 मीटर एयर राइफल का स्वर्ण जीता और विश्व रैंकिंग में नंबर-1 तक पहुंचीं। टोक्यो और पेरिस ओलंपिक में पदक से चूकने के बावजूद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना सफर जारी रखा। अब एशियन गेम्स में लगातार दो रजत उनके खाते में हैं।

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