जालंधर। एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 से पहले भारतीय पुरुष हॉकी टीम को बड़ा झटका लगा है। अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह पिंडली की चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह विवेक सागर प्रसाद को भारतीय टीम में शामिल किया गया है। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने सोमवार को जालंधर में आयोजित कप्तानों की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इसकी पुष्टि की। भारत घरेलू मैदान पर अपने खिताब का बचाव करने उतरेगा, लेकिन मनप्रीत की गैरमौजूदगी से टीम के मिडफील्ड में अनुभव की कमी महसूस हो सकती है।

मनप्रीत सिंह की जगह विवेक सागर प्रसाद को मौका

मनप्रीत सिंह को ट्रेनिंग सत्र के दौरान पिंडली में चोट लगी, जिसके चलते उन्हें टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा। उनकी जगह टीम में शामिल किए गए विवेक सागर प्रसाद मिडफील्ड में अपनी भूमिका निभाएंगे। विवेक भारतीय हॉकी के भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल हैं और उनके पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का अनुभव है। टीम प्रबंधन को उम्मीद होगी कि वह मनप्रीत की कमी को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

27 अक्टूबर से शुरू होगा भारत का अभियान

एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 का आयोजन 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक पंजाब के जालंधर और मोहाली में होगा। भारत अपने अभियान की शुरुआत 27 अक्टूबर को बांग्लादेश के खिलाफ करेगा। इसके बाद टीम 29 अक्टूबर को चीन, 30 अक्टूबर को जापान, 1 नवंबर को मलेशिया और 2 नवंबर को दक्षिण कोरिया से भिड़ेगी। लीग चरण के बाद शीर्ष चार टीमें 4 नवंबर को सेमीफाइनल खेलेंगी, जबकि खिताबी मुकाबला 5 नवंबर को मोहाली में होगा।

पांच बार की चैंपियन टीम की नजर छठे खिताब पर

भारतीय टीम एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की मौजूदा विजेता है और अब तक पांच बार यह खिताब जीत चुकी है। टीम इस बार भी ट्रॉफी अपने नाम करने के इरादे से उतरेगी। कप्तान हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई में टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा प्रतिभाओं को भी जगह मिली है। हालांकि, मनप्रीत जैसे अनुभवी मिडफील्डर का बाहर होना टीम की रणनीति के लिए चुनौती बन सकता है।

घरेलू मैदान पर भारतीय खिलाड़ियों को मिलेगा समर्थन

टूर्नामेंट का आयोजन पंजाब में होने से भारतीय खिलाड़ियों को घरेलू दर्शकों के सामने खेलने का अवसर मिलेगा। हरमनप्रीत सिंह, जुगराज सिंह, जरमनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, सुखजीत सिंह, दिलप्रीत सिंह और मनदीप सिंह जैसे खिलाड़ियों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। मुख्य कोच क्रेग फुल्टन भी घरेलू दर्शकों के समर्थन को टीम के लिए अहम मानते हैं। भारत को मलेशिया, जापान और दक्षिण कोरिया जैसी टीमों से कड़ी चुनौती मिल सकती है।

मनप्रीत की गैरमौजूदगी के बीच खिताब बचाने की चुनौती

भारत के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती टीम संयोजन में बदलाव के बावजूद टूर्नामेंट की शुरुआत जीत के साथ करने की होगी। लगातार मुकाबलों और सीमित रिकवरी समय के बीच खिलाड़ियों की फिटनेस और सही रणनीति भी अहम रहेगी। भारतीय टीम की नजर छठी बार एशियन चैंपियंस ट्रॉफी जीतने पर है, जबकि विवेक सागर प्रसाद के प्रदर्शन पर भी सबकी निगाहें रहेंगी।

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