Raipur City News : साहित्य का मौन हुआ स्वर, विनोद कुमार शुक्ल पंचतत्व में विलीन, राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

राज्य सरकार ने उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी।

Update: 2025-12-24 08:36 GMT

Raipur City News : रायपुर। छत्तीसगढ़ ही नहीं, पूरे हिंदी साहित्य जगत के लिए बुधवार का दिन बेहद भावुक कर देने वाला रहा। अपनी संवेदनशील लेखनी और सादगी भरे शब्दों से साहित्य को नई दिशा देने वाले प्रसिद्ध साहित्यकार व ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित विनोद कुमार शुक्ल पंचतत्व में विलीन हो गए। राज्य सरकार ने उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी।

दोपहर 12 बजे रायपुर के मारवाड़ी शमशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान साहित्य, संस्कृति, प्रशासन और समाज के हर वर्ग से जुड़े लोग उन्हें अंतिम प्रणाम करने पहुंचे। शमशान घाट में गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विनोद कुमार शुक्ल के निज निवास पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके पार्थिव शरीर को कंधा देकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, जिन्होंने नम आंखों से अपने प्रिय साहित्यकार को विदा किया। निधन की सूचना मिलते ही उनके निवास पर श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लग गया। कलेक्टर गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त विश्वदीप समेत प्रशासनिक अधिकारी, वरिष्ठ पत्रकार, साहित्यकार और आम नागरिक लगातार अंतिम दर्शन के लिए पहुंचते रहे।

देश के जाने-माने कवि कुमार विश्वास भी रायपुर पहुंचे और विनोद कुमार शुक्ल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि साहित्य जगत ने एक ऐसी आवाज खो दी है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। विनोद कुमार शुक्ल अपनी सरल भाषा, गहरी संवेदनाओं और अनोखी दृष्टि के लिए हमेशा याद किए जाएंगे। उनकी रचनाएं आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और संवेदना का प्रकाश बनी रहेंगी। साहित्य जगत में उनका नाम सदैव आदर और सम्मान के साथ लिया जाता रहेगा।

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