Raipur City News : नई रेल लाइन परियोजना को लेकर SECR की बड़ी पहल, प्रभावित गांवों में जमीन खरीद-बिक्री पर रोक की मांग...
यह कदम परियोजना को सुचारू रूप से लागू करने और अवैध लेन-देन को रोकने के लिए उठाया गया है।
Raipur City News : रायपुर। खरसिया से नया रायपुर होते हुए परमालकसा (दुर्ग-राजनांदगांव) तक प्रस्तावित नई रेलवे लाइन परियोजना को केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद अब जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है। इस बीच, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने रायपुर कलेक्टर को पत्र लिखकर परियोजना के संभावित रूट में पड़ने वाले गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। यह कदम परियोजना को सुचारू रूप से लागू करने और अवैध लेन-देन को रोकने के लिए उठाया गया है।
Raipur City News : क्यों जरूरी है रोक?
SECR के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि रेल लाइन के रूट की जानकारी सार्वजनिक होने के बाद कुछ दलाल और व्यक्ति प्रभावित गांवों में अनाधिकृत रूप से जमीन की खरीद-बिक्री और प्लॉटिंग शुरू कर सकते हैं। इससे न केवल परियोजना की लागत और समयसीमा प्रभावित हो सकती है, बल्कि ग्रामीणों को भविष्य में कानूनी पेचीदगियों का सामना भी करना पड़ सकता है। पत्र में जिला प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि संभावित गांवों में बिना वैध अनुमति के किसी भी तरह के भूमि लेन-देन पर रोक लगाई जाए।
Raipur City News : परियोजना का महत्व-
खरसिया-नया रायपुर-परमालकसा रेल लाइन छत्तीसगढ़ में कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने वाली एक महत्वपूर्ण परियोजना है। यह रेल लाइन माल ढुलाई और यात्री परिवहन को और सुगम बनाएगी, जिससे क्षेत्र की आर्थिक प्रगति को गति मिलेगी। हालांकि, जमीन अधिग्रहण इस परियोजना का सबसे संवेदनशील हिस्सा है, और SECR इसे पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से पूरा करना चाहता है।
Raipur City News : जिला प्रशासन की भूमिका-
रेलवे के पत्र के बाद रायपुर जिला प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित गांवों की सूची तैयार की जाए और वहां भूमि लेन-देन की गतिविधियों पर नजर रखी जाए। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण में ग्रामीणों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा और उन्हें उचित मुआवजा प्रदान किया जाएगा।