नई दिल्ली। PM Modi: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कुछ लोग खुलेआम शहरी नक्सलियों की भाषा बोल रहे हैं और कहा कि जो लोग भारत सरकार के खिलाफ ‘‘युद्ध की घोषणा’’ करते हैं, वे न तो संविधान को समझ सकते हैं और न ही देश की एकता को।

PM Modi: उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव से एक दिन पहले अरविंद केजरीवाल और आप पर कटाक्ष करते हुए कहा, "कुछ पार्टियां युवाओं के भविष्य के लिए आप-दा' की तरह हैं। मोदी ने कहा कि उनकी सरकार की योजनाओं से काफी धन की बचत हुई, लेकिन इसका उपयोग 'शीश महल' बनाने में नहीं किया गया।

PM मोदी ने कहा, ‘पहले अखबारों की हेडलाइन हुआ करती थी, इतने लाख के घोटाले… 10 साल हो गए, घोटाले न होने से देश के लाखों करोड़ रुपये बचे हैं जो जनता जनार्दन की सेवा में लगे हैं।उन्होंने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का नाम लिये बिना उन पर कटाक्ष करते हुए कहा, कुछ नेताओं का फोकस (ध्यान) जकूजी पर, स्टाइलिश शावर पर है लेकिन हमारा फोकस हर घर जल पहुंचाने पर है।


PM Modi: कुछ लोगों ने मॉडल ही ऐसा बनाया था...


प्रधानमंत्री ने कहा, हमारा निरंतर प्रयास है कि हर योजना का शत प्रतिशत लाभ हर लाभार्थी को मिले लेकिन कुछ लोगों ने मॉडल ही ऐसा बनाया था कि कुछ ही लोगों को दो औरों को तड़पाओ और तुष्टिकरण की राजनीति करो। देश को विकसित बनाने के लिए तुष्टिकरण से मुक्ति पानी होगी। हमने रास्ता चुना है- संतुष्टिकरण का। हर समाज, हर वर्ग के लोगों को उनका हक मिलना चाहिए।


PM Modi: जाति की बातें करना कुछ लोगों का फैशन बन गया


लोकसभा में पीएम मोदी ने कहा, जाति की बातें करना कुछ लोगों का फैशन बन गया है। पिछले 30 साल से सदन में आने वाले ओबीसी समाज के सांसद दलों के भेदभाव से ऊपर उठकर एक होकर मांग कर रहे थे कि ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा दिया जाए। जिन लोगों को आज जातिवाद में मलाई दिखती है, उन लोगों को उस समय ओबीसी की याद नहीं आई। हमने ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा दिया।


PM Modi: ऐसे लोगों को कहूंगा कि एक किताब जरूर पढ़ें...


प्रधानमंत्री ने कहा, राष्ट्रपति जी के भाषण की चर्चा के समय यहां विदेश नीति की भी चर्चा हुई। कुछ लोगों को लगता है कि जब तक Foreign Policy नहीं बोलते तब तक वो मैच्योर नहीं लगते। उनको लगता है विदेश नीति तो बोलना चाहिए, भले ही देश का नुकसान हो जाए। मैं ऐसे लोगों को कहना चाहता हूं कि अगर उन्हें सच में विदेश नीति में रूचि है और Foreign Policy को समझना है और आगे जाकर कुछ करना भी है, तो मैं ऐसे लोगों को कहूंगा कि एक किताब जरूर पढ़ें।


किताब का नाम है- JFK’S FORGOTTEN CRISIS. इस किताब में भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू और अमेरिका के तब के राष्ट्रपति जॉन एफ़ कैनेडी के बीच हुई चर्चाओं और निर्णयों का भी वर्णन है। जब देश ढेर सारी चुनौतियों का सामना कर रहा था, तब विदेश नीति के नाम पर क्या खेल हो रहा था इस किताब के माध्यम से सामने आ रहा है। PM Modi: पीएम ने कहा कि ये तो अभी हमारा तीसरा ही टर्म है। हम देश की आवश्यकताओं के अनुसार, आधुनिक भारत बनाने के लिए, सक्षम भारत बनाने के लिए और विकसित भारत का संकल्प साकार करने के लिए हम आने वाले अनेक वर्षों तक जुटे रहने वाले हैं।


PM Modi: राजनीतिक हताशा समझ सकता हूं लेकिन...


प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति जी के अभिभाषण के बाद एक महिला राष्ट्रपति का सम्मान न कर सके, लेकिन क्या क्या कह कर उन्हें अपमानित किया जा रहा है। मैं राजनीतिक हताशा समझ सकता हूं लेकिन राष्ट्रपति के खिलाफ, क्या कारण है?


PM Modi: लोकसभा में पीएम ने कहा,हम संविधान की भावना को लेकर चलते हैं, हम जहर की राजनीति नहीं करते हैं। हम देश की एकता को सर्वोपरि रखते हैं और इसलिए सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनाते हैं। जो दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है।सात दशक तक जम्मू-कश्मीर-लद्दाख को संविधान के अधिकारों को अलग रखा गया।


PM Modi: पीएम ने कहा, ये संविधान के साथ भी अन्याय था और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के साथ भी अन्याय था। हमने अनुच्छेद 370 की दीवार गिरा दी। अब जम्मू-कश्मीर-लद्दाख को देशवासियों को जो अधिकार हैं, वो अधिकर उन्हें मिल रहे हैं। हम संविधान के महात्म्य को जानते हैं। संविधान की भावना को जीते हैं, इसलिए ऐसे मजबूत निर्णय भी हम करते हैं।