Udhayanidhi Stalin : उदयनिधि स्टालिन से 90 मिनट पूछताछ के बाद रिहाई, थाने के बाहर समर्थकों का हंगामा
नई दिल्ली। तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को तंजावुर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई। मद्रास हाई कोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। करीब 90 मिनट तक चली पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें रिहा कर दिया। रिहाई के बाद उदयनिधि ने पुलिस स्टेशन के बाहर मौजूद अपने समर्थकों का अभिवादन किया।
तंजावुर से सेंगीपट्टी ले गई पुलिस
उदयनिधि स्टालिन को पूछताछ के लिए पहले तंजावुर साउथ पुलिस स्टेशन ले जाने की तैयारी थी। हालांकि, स्टेशन के बाहर डीएमके कार्यकर्ताओं और समर्थकों की बड़ी भीड़ जमा हो गई। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने पूछताछ का स्थान बदलकर करीब 21 किलोमीटर दूर सेंगीपट्टी पुलिस स्टेशन कर दिया। यहां पहुंचने के बाद उदयनिधि ने पुलिस वैन से बाहर निकलने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि अदालत के सामने जिस पुलिस स्टेशन का उल्लेख किया गया था, सेंगीपट्टी वह स्थान नहीं है।
पुलिस और समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की
सेंगीपट्टी पुलिस स्टेशन के बाहर भी बड़ी संख्या में डीएमके समर्थक पहुंच गए। समर्थकों ने उदयनिधि के समर्थन में नारेबाजी की। इस दौरान पुलिसकर्मियों और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की, जबकि समर्थक लगातार उदयनिधि के पक्ष में नारे लगाते रहे।
90 मिनट की पूछताछ के बाद मिली रिहाई
मद्रास हाई कोर्ट के निर्देश के मुताबिक पुलिस ने उदयनिधि स्टालिन से मामले को लेकर पूछताछ की। करीब 90 मिनट तक चली पूछताछ पूरी होने के बाद तंजावुर पुलिस ने उन्हें रिहा कर दिया। बाहर निकलने के बाद उदयनिधि ने पुलिस स्टेशन के बाहर मौजूद समर्थकों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया और उनका आभार जताया।
मंत्री ने कार्रवाई को बताया जरूरी
उदयनिधि की गिरफ्तारी को लेकर तमिलनाडु सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री केजी अरुणराज ने कहा कि विवादित टिप्पणी को लेकर कानूनी कार्रवाई जरूरी थी। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता और मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई है।
हाई कोर्ट ने पूछताछ की दी थी अनुमति
मामले की सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने मद्रास हाई कोर्ट को बताया था कि उदयनिधि को गिरफ्तार करने का कोई इरादा नहीं है, लेकिन महिला की अस्मिता से जुड़े मामले की जांच के लिए कानूनी प्रक्रिया के तहत उनसे पूछताछ जरूरी है। अदालत ने जांच एजेंसियों को पूछताछ की अनुमति देते हुए निर्देश दिया था कि पूछताछ पूरी होने के बाद उदयनिधि स्टालिन को रिहा किया जाए।