Rahul Gandhi on Pradhan's Resignation: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर राहुल गांधी की पहली प्रतिक्रिया, बोले- 2 मांगें अभी भी बाकी हैं...
Rahul Gandhi
Rahul Gandhi on Pradhan's Resignation: नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इसे देश की शिक्षा व्यवस्था के लिए बड़ा कदम बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा करते हुए देशभर के छात्रों की तारीफ की।
छात्रों को दी बधाई
राहुल गांधी ने लिखा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि जो छात्र लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण तरीके से सड़कों पर उतरे, वे बधाई के पात्र हैं। राहुल ने कहा, "शाबाश देशभर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है।"
दो मांगें अभी बाकी
राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद भी दो अहम मांगें बाकी हैं। पहली, प्रधानमंत्री छात्रों और देश के भविष्य का सम्मान करते हुए माफी मांगें। दूसरी, छात्रों पर हुई हिंसा के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
सरकार पर साधा निशाना
राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों, मजदूरों, गरीबों और हर उस व्यक्ति को, जिसे सरकार ने दबाया है, अपने अधिकारों के लिए संवैधानिक तरीके से आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यही असली साहस है और अब सरकार को बदलने का समय आ गया है।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे education system को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 25, 2026
शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है।
सड़कों पर आ कर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डट कर खड़े होने वाले हर एक युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई।
2 मांगें… pic.twitter.com/Uc2cEOCVKA
कांग्रेस नेताओं ने भी दी प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने छात्रों और युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि उनके आंदोलन की वजह से शिक्षा मंत्री को पद छोड़ना पड़ा। वहीं, अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित होने और लगातार पेपर लीक की घटनाओं के कारण शिक्षा मंत्री का इस्तीफा पहले ही हो जाना चाहिए था। उनके अनुसार, यदि सरकार समय रहते फैसला लेती, तो छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और विवाद जैसी स्थिति नहीं बनती।