Rahul Gandhi: नई दिल्ली। पेपर लीक कानून में संशोधन और छात्र आंदोलन पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। उनका बयान ऐसे समय आया है, जब संसद ने 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' को पारित कर एंटी-पेपर लीक कानून को और सख्त बना दिया है।

राहुल गांधी का सरकार पर सीधा हमला

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा, "पीएम मोदी और अमित शाह- आप Gen-Z को धमकाकर चुप नहीं करा सकते. पहले आपने उनकी हड्डियां तोड़ीं और अब आप उन पर एफआईआर दर्ज कर रहे हैं और उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स बंद करवा रहे हैं." आगे उन्होंने कहा, "आप भारत का अतीत हैं. भारत के भविष्य के साथ आप कैसा व्यवहार कर रहे हैं, इसको लेकर जरा संभलकर रहिए.

सख्त हुआ एंटी-पेपर लीक कानून

संसद से पारित संशोधन विधेयक के तहत पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के मामलों में पहले से अधिक कड़े दंड का प्रावधान किया गया है। राज्यसभा में विपक्षी दलों के वॉकआउट के बीच यह विधेयक ध्वनिमत से पारित हुआ। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य परीक्षाओं की पारदर्शिता बढ़ाना और संगठित पेपर लीक गिरोहों पर प्रभावी कार्रवाई करना है।

पीएम मोदी ने क्या कहा?

विधेयक पारित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पेपर लीक की समस्या बच्चों के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी थी। उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने, फास्ट-ट्रैक अदालतों की स्थापना और पेपर लीक माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।

Tags: