Monsoon Session: मानसून सत्र के पहले दिन सरकार पर बरसे कांग्रेस अध्यक्ष खरगे, पेपर लीक और राम मंदिर चंदे का मुद्दा उठाया, खरगे बोले- छात्रों पर लाठीचार्ज लोकतंत्र पर हमला
Monsoon Session
Monsoon Session: नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया। पहले ही दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बहस देखने को मिली। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि विपक्ष सदन में जनता से जुड़े हर मुद्दे को मजबूती से उठाएगा और सरकार से जवाब मांगेगा। उन्होंने कहा कि जनता के अधिकार, विश्वास और आवाज की रक्षा के लिए विपक्ष पूरी ताकत से अपनी बात रखेगा।
राम मंदिर चंदे की जांच की मांग
खरगे ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए मिले चंदे को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रद्धालुओं के दान में गड़बड़ी हुई है और इस मामले की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने मांग की कि मंदिर निर्माण से जुड़े पूरे वित्तीय हिसाब को सार्वजनिक किया जाए, ताकि लोगों के मन में किसी तरह का संदेह न रहे।
पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर सरकार को घेरा
कांग्रेस अध्यक्ष ने पेपर लीक के मामलों को भी गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि 2014 से अब तक देश में 152 पेपर लीक हुए हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने इस मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जिम्मेदार बताते हुए उनके इस्तीफे की मांग दोहराई।
खरगे का बयान
सदन के बाहर मीडिया से बात करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, "पेपर लीक के खिलाफ, बच्चे जंतर-मंतर पर बैठे हैं, लेकिन उनके ऊपर लाठीचार्ज करवाया जा रहा है। मोदी सरकार हमारे युवा की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। छात्रों पर लाठीचार्ज लोकतंत्र पर हमला है। यह सरकार सत्ता में बने रहने के लायक नहीं है। हमने अयोध्या राम मंदिर में दान की चोरी का मुद्दा भी उठाया है। मोदी साहब को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए क्योंकि ट्रस्ट उन्होंने ही बनाया था।"