Anna Hazare Support Sonam Wangchuk: नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को 21वें दिन दिल्ली पुलिस ने सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस का कहना है कि उनकी बिगड़ती तबीयत, डॉक्टरों की सलाह और दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के आधार पर यह कदम उठाया गया।

अन्ना हजारे का बयान

सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने सरकार से बातचीत करने की अपील की। उन्होंने अपने वीडियो संदेश में कहा, "सरकार को उनकी सीमाओं की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए। उनकी मांगों पर हां या ना कहें, लेकिन बातचीत करने में क्या गलत है।"

उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी समस्या का समाधान बातचीत से ही निकलता है। सरकार को किसी अप्रिय घटना का इंतजार नहीं करना चाहिए और अपनी बात रखने के साथ-साथ आंदोलन कर रहे लोगों की बात भी सुननी चाहिए।

राहुल गांधी ने भी उठाए सवाल

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक को उस समय हटाना गलत था, जब वह शांतिपूर्ण भूख हड़ताल पर बैठे थे। उन्होंने पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और छात्रों की आत्महत्या को देश के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दे बताया।

पुलिस ने क्या कहा?

नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने बताया कि वांगचुक की तबीयत खराब होने के बाद उन्हें जरूरी इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध किया, लेकिन पुलिस ने पूरे मामले को शांतिपूर्वक संभाला। कांग्रेस ने इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे लोकतंत्र और संविधान पर "कलंक" बताया।

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