India-China Border Tension: अरुणाचल में चीनी सैनिकों के साथ आज भी होते हैं टकराव, ITBP डीजी के बयान से मचा सियासी घमासान
India-China Border Tension: ITBP डीजी शत्रुजीत कपूर के बयान के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश में चीनी सैनिकों के साथ अब भी टकराव की स्थिति बनी हुई है। बयान के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए और सीमा सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।
नई दिल्ली : भारत-चीन सीमा पर तनाव को लेकर इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर के बयान के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। उन्होंने कहा है कि अरुणाचल प्रदेश में सीमा के कई स्थानों पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हाल के दिनों में आमना-सामना हुआ है और कुछ जगहों पर स्थिति अब भी जारी है। उन्होंने इस दौरान ITBP के शौर्य कमांडो के प्रदर्शन की सराहना की। वहीं, कांग्रेस ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।
अरुणाचल सीमा पर टकराव, शौर्य कमांडो की भूमिका की तारीफ
ITBP के वार्षिक हिमवीर सम्मान समारोह में जवानों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए शत्रुजीत कपूर ने अरुणाचल प्रदेश में कई स्थानों पर भारतीय और चीनी सैनिकों के आमने-सामने आने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर यह स्थिति अब भी बनी हुई है। कपूर ने सीमा पर तैनात ITBP के नवगठित शौर्य कमांडो की भूमिका की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अच्छा काम किया है।
ऊंचाई वाले इलाकों में विशेष बल तैयार करने पर जोर
ITBP प्रमुख ने कहा कि इस बल का गठन पहाड़ी क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने की क्षमता के साथ किया गया था। वर्ष 2004 में चीन से लगी सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी मिलने के बाद ऊंचाई वाले दुर्गम इलाकों में काम करना बल की अहम भूमिका बन गया। उन्होंने बताया कि ITBP अपनी विशेष क्षमताओं को मजबूत कर रहा है और शौर्य कमांडो की पूरी बटालियन तैयार करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
ITBP डीजी के बयान पर कांग्रेस ने केंद्र को घेरा
ITBP प्रमुख के बयान के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार की चीन नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अरुणाचल प्रदेश में चीनी सैनिकों के साथ जारी आमने-सामने की स्थिति पर प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार की ओर से स्पष्ट सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। रमेश ने ITBP जवानों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि सीमा पर हो रही घटनाओं को लेकर सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
वाचा-दमाई बातचीत और पेट्रोलिंग पॉइंट को लेकर दावा
जयराम रमेश ने अपने बयान में दावा किया कि पिछले महीने तकसिंग क्षेत्र में टकराव की घटनाओं के बाद अरुणाचल प्रदेश के वाचा और दमाई में कोर कमांडर स्तर की बातचीत हुई थी। उन्होंने स्थानीय लोगों के हवाले से यह भी कहा कि कुछ पेट्रोलिंग पॉइंट तक भारतीय जवानों की पहुंच प्रभावित होने की शिकायतें सामने आई हैं। ये दावे कांग्रेस नेता की ओर से किए गए हैं; सीमा पर वास्तविक स्थिति और पेट्रोलिंग व्यवस्था को लेकर आधिकारिक जानकारी अलग से देखी जानी चाहिए।
चीन की गतिविधियों और बांध परियोजना पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने अरुणाचल प्रदेश में स्थानों के नाम बदलने की चीन की गतिविधियों और वहां प्रस्तावित बड़े बांध को लेकर भी चिंता जताई। उनके मुताबिक, ऐसी परियोजना भारत की पर्यावरणीय और जल सुरक्षा के लिए चिंता का विषय हो सकती है। उन्होंने भारत-चीन व्यापार घाटे का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार की आर्थिक और कूटनीतिक रणनीति पर भी सवाल उठाए।
गलवान घटना के बाद पीएम मोदी के पुराने बयान का जिक्र
जयराम रमेश ने 19 जून 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान का भी हवाला दिया, जो गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प के बाद आया था। कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत आज भी उस बयान को लेकर सरकार से जवाब चाहता है। जून 2020 की गलवान झड़प में 20 भारतीय सैनिकों की मौत हुई थी।
अरुणाचल प्रदेश में हालिया आमने-सामने की स्थिति को लेकर ITBP प्रमुख का बयान ऐसे समय आया है, जब दोनों देशों के बीच सीमा संबंधी मुद्दों पर सैन्य और कूटनीतिक बातचीत जारी है। इस घटनाक्रम के बीच सीमा की स्थिति और सरकार की प्रतिक्रिया पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।