CM Vijay : सीएम विजय का ऐलान, तमिलनाडु के सरकारी स्कूलों में बच्चों को हर हफ्ते मिलेगी चिकन बिरयानी
नई दिल्ली। तमिलनाडु के सरकारी स्कूलों में बच्चों के मिड-डे मील को लेकर एक नया प्रस्ताव चर्चा में है। राज्य सरकार हफ्ते में एक दिन छात्रों को चिकन बिरयानी परोसने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। स्कूल शिक्षा मंत्री ए. राजमोहन ने यह सुझाव मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के सामने रखा है। हालांकि, अभी इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी नहीं मिली है और सरकार इसकी समीक्षा कर रही है।
हफ्ते में एक दिन बिरयानी देने का प्रस्ताव
रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूल शिक्षा विभाग राज्य की मौजूदा मिड-डे मील व्यवस्था में बदलाव पर विचार कर रहा है। प्रस्ताव के तहत सरकारी स्कूलों के छात्रों को सप्ताह में एक दिन चिकन बिरयानी देने की योजना है। शिक्षा मंत्री राजमोहन ने इसे राज्य में स्कूली पोषण कार्यक्रम को और बेहतर बनाने की दिशा में एक संभावित कदम बताया है।
मंत्री ने तमिलनाडु में स्कूली भोजन योजना के विकास का जिक्र करते हुए कहा कि अलग-अलग सरकारों ने समय के साथ इसमें बदलाव किए हैं। अब उनकी इच्छा है कि सरकारी स्कूलों में सप्ताह में एक दिन छात्रों को चिकन बिरयानी भी उपलब्ध कराई जाए। फिलहाल अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री विजय और सरकार की समीक्षा के बाद ही होगा।
नाश्ते के मेन्यू में भी बदलाव की तैयारी
चिकन बिरयानी के प्रस्ताव के साथ ही सरकारी स्कूलों में मिलने वाले नाश्ते के मेन्यू को भी बदलने की तैयारी है। शिक्षा मंत्री के मुताबिक, मौजूदा बजट करीब 15 रुपये प्रति छात्र है और सरकार चाहती है कि बच्चों को ज्यादा पौष्टिक और पसंद आने वाले विकल्प उपलब्ध कराए जाएं। इसके तहत गेहूं और रवा उपमा जैसे मौजूदा विकल्पों में बदलाव पर विचार किया जा रहा है।
तमिलनाडु में लंबे समय से चल रही पोषण योजना
तमिलनाडु स्कूली पोषण कार्यक्रमों के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में रहा है। राज्य में 1950 के दशक में तत्कालीन मुख्यमंत्री के. कामराज के दौर में मिड-डे मील योजना की शुरुआत हुई थी। इसके बाद अलग-अलग सरकारों ने बच्चों के पोषण और स्कूलों में उनकी उपस्थिति बढ़ाने के उद्देश्य से योजना में कई बदलाव किए।
अब चिकन बिरयानी को मेन्यू में शामिल करने का प्रस्ताव भी इसी क्रम में देखा जा रहा है। अगर सरकार इसे मंजूरी देती है, तो सरकारी स्कूलों के छात्रों के साप्ताहिक भोजन में एक नया विकल्प जुड़ सकता है।
अभी फैसले का इंतजार
फिलहाल चिकन बिरयानी को हर सप्ताह स्कूलों में परोसने का प्रस्ताव विचाराधीन है। सरकार की ओर से अंतिम मंजूरी और योजना लागू करने की तारीख को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।