चिदंबरम बोले- CEC ज्ञानेश कुमार को "आज नहीं तो कल इस्तीफा देना ही होगा": कहा- नहीं तो विपक्ष का आंदोलन और तेज होगा; SIR को लेकर भी उठाए सवाल
‘इस्तीफा दें, वरना विरोध जारी रहेगा’
नई दिल्ली: वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। चिदंबरम ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि ज्ञानेश कुमार को किसी न किसी दिन इस्तीफा देना पड़ेगा। उनके मुताबिक, अगर वह अभी इस्तीफा दे देते हैं तो यह उनके लिए बेहतर होगा, वरना विरोध-प्रदर्शन जारी रहेंगे।
चुनाव आयोग के अंदरूनी मतभेदों का जिक्र
चिदंबरम ने चुनाव आयोग के भीतर सामने आए मतभेदों का जिक्र करते हुए महाराष्ट्र, कर्नाटक और ओडिशा के चुनाव अधिकारियों से जुड़े घटनाक्रमों का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय चुनाव अधिकारियों को आगे आकर बताना चाहिए कि उन्हें चुनाव आयोग से क्या निर्देश मिले, कब मिले और उन पर किस तरह अमल किया गया।
‘अधिकारी बताएं उन्हें क्या निर्देश मिले’
चिदंबरम ने कहा, ‘यह साफ है कि एसआईआर प्रक्रिया गैरकानूनी है। क्या अधिकारियों ने इस बारे में अपनी आपत्ति जताई थी? अगर उन्होंने आपत्ति जताई थी, तो क्या चुनाव आयोग या मुख्य चुनाव आयुक्त ने उसे दरकिनार कर दिया? उन्हें अब बोलना चाहिए। यही समय है।’
फिलहाल दूसरे आयुक्तों के इस्तीफे की मांग नहीं
जब चिदंबरम से पूछा गया कि क्या विपक्ष बाकी दो चुनाव आयुक्तों के इस्तीफे की भी मांग कर रहा है, तो उन्होंने कहा कि फिलहाल ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में उनकी भूमिका को लेकर कोई संदिग्ध या गैरकानूनी बात सामने आती है, तभी उनके इस्तीफे की मांग की जाएगी।
14 आपत्तियों का मुद्दा उठा
यह विवाद उन रिपोर्टों के बाद बढ़ा, जिनमें कहा गया कि चुनाव आयुक्त विवेक जोशी और सुखबीर सिंह संधू ने 10 महीनों में 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, ये आपत्तियां SIR, वोटर लिस्ट और चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया से जुड़े मामलों पर थीं।
चुनाव आयोग ने कहा- फैसले सर्वसम्मति से हुए
चुनाव आयोग ने इन मतभेदों को निर्णय लेने की प्रक्रिया का हिस्सा बताया है। आयोग का कहना है कि SIR समेत उसके फैसले तीनों सदस्यों की सर्वसम्मति से लिए गए।
SIR को लेकर विपक्ष का विरोध
SIR के मुद्दे पर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। चिदंबरम ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया से मतदाताओं को परेशानी हो रही है और विपक्ष इसका विरोध जारी रखेगा। वहीं चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए तय प्रक्रिया के तहत सत्यापन और जरूरी कार्रवाई की जाती है।