नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने स्कूली शिक्षा को अधिक व्यावहारिक और कौशल आधारित बनाने के लिए बड़े बदलाव किए हैं। सत्र 2026-27 और 2027-28 के लिए जारी नए दिशा-निर्देशों के तहत 9वीं और 10वीं कक्षा के पाठ्यक्रम, विषयों के चयन और परीक्षा प्रणाली में बदलाव किया है। आइए जानते हैं कि सीबीएसई के इन नए नियमों से क्या-क्या बदला है।

10वीं से हटा 'पर्यावरण शिक्षा' विषय

सीबीएसई के नए नियमों के अनुसार, सत्र 2027-28 में 10वीं की बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए Environmental Education विषय अब लागू नहीं होगा। इसके अलावा, मौजूदा सत्र 2026-27 में 9वीं कक्षा के पाठ्यक्रम से 'इंडिविजुअल्स इन सोसाइटी' और सीटीएमआई (CTMI) के विशेष मॉड्यूल्स को भी हटा दिया गया है। बोर्ड का मानना है कि इससे छात्रों का मानसिक बोझ घटेगा और वे मुख्य विषयों पर ज्यादा ध्यान दे सकेंगे।

व्यावसायिक शिक्षा हुई अनिवार्य (22 स्किल विषयों का विकल्प)

बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि 9वीं और 10वीं के सभी विद्यार्थियों के लिए वोकेशनल यानी व्यावसायिक शिक्षा को अनिवार्य कर दिया गया है। छात्रों को इसके तहत बोर्ड द्वारा अधिसूचित 22 स्किल विषयों या सामान्य कौशल विकास विषय में से किसी एक को चुनना होगा।

अगर छात्र सामान्य कौशल विकास चुनते हैं, तो उनका मूल्यांकन स्कूल स्तर पर आंतरिक रूप से होगा। यदि छात्र 22 निर्धारित स्किल विषयों में से किसी का चयन करते हैं, तो उन्हें 10वीं बोर्ड परीक्षा में उसकी लिखित परीक्षा देनी होगी।

2027-28 की 10वीं बोर्ड परीक्षा में होंगे 5 अनिवार्य विषय

सत्र 2027-28 में 10वीं की बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए कुल पांच मुख्य विषय अनिवार्य किए गए हैं।

1. पहली भाषा (Language 1)

2. दूसरी भाषा (Language 2)

3. गणित (Mathematics)

4. विज्ञान (Science)

5. सामाजिक विज्ञान (Social Science)

इन पांचों विषयों की बोर्ड परीक्षा सभी के लिए अनिवार्य होगी। इसके अलावा छात्र अपनी पसंद का एक वैकल्पिक विषय भी चुन सकेंगे।

मौजूदा 10वीं के छात्रों पर नहीं पड़ेगा असर

सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि जो छात्र वर्तमान सत्र (2026-27) में कक्षा 10वीं में पढ़ रहे हैं, उन्हें चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। उनकी बोर्ड परीक्षाएं पुरानी व्यवस्था और पुराने पाठ्यक्रम के तहत ही होंगी। यह नया बदलाव केवल उन छात्रों पर लागू होगा जो इस समय 9वीं कक्षा में हैं और अगले साल 10वीं की बोर्ड परीक्षा में बैठेंगे।

Tags: