Azam Khan Arrest: जेल से बाहर आते ही आजम खान गिरफ्तार, ED ने जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में की कार्रवाई
समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान को रामपुर जेल से रिहाई के तुरंत बाद ED ने गिरफ्तार कर लिया। दो पैन कार्ड मामले में जमानत मिलने के बाद उन पर जौहर यूनिवर्सिटी और जौहर ट्रस्ट से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में कार्रवाई की गई।
Azam Khan ED Arrest: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की रामपुर जेल से रिहाई के कुछ ही देर बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। दो पैन कार्ड से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद आजम खान शनिवार को अपने बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ जेल से बाहर आए थे। लेकिन जेल के बाहर पहले से मौजूद ED की टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है।
दो पैन कार्ड मामले में मिली थी जमानत
आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड रखने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली थी। अदालत ने दोनों की जमानत मंजूर करने के साथ उनकी सजा निलंबित कर दी थी। इसके बाद रामपुर की संबंधित अदालतों में जमानत की औपचारिकताएं पूरी की गईं और रिहाई के आदेश जारी हुए। शनिवार को दोनों रामपुर जिला जेल से बाहर निकले। अब्दुल्ला आजम अपने घर के लिए रवाना हो गए, जबकि आजम खान को ED की टीम ने अपने कब्जे में ले लिया।
जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले में ED की कार्रवाई
ED की कार्रवाई का संबंध आजम खान द्वारा स्थापित मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से है। एजेंसी सरकारी धन के कथित दुरुपयोग, निर्माण कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं और धन के लेनदेन की जांच कर रही है। इस मामले में 13 अक्टूबर 2026 को रामपुर के अजीमनगर थाने में आजम खान, जौहर ट्रस्ट और अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई थी। ED की जांच में यूनिवर्सिटी के निर्माण और ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल की जा रही है।
सरकारी धन के इस्तेमाल और जमीन से जुड़े आरोपों की जांच
जांच एजेंसी का आरोप है कि सरकारी परियोजनाओं के लिए आवंटित धन और निर्माण सामग्री का इस्तेमाल कथित तौर पर जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में किया गया। इसके अलावा ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी से जुड़े वित्तीय लेनदेन तथा जमीन अधिग्रहण के मामलों की भी जांच की जा रही है। ED ने 28 अक्टूबर को मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतों से जुड़ी 426.46 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से अटैच करने की कार्रवाई भी की थी। हालांकि, ये सभी आरोप जांच एजेंसी के दावे हैं और मामले में न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
गाजियाबाद की विशेष अदालत में पेश किए जाएंगे आजम खान
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ED आजम खान को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत गाजियाबाद की विशेष अदालत में पेश करेगी। एजेंसी उनसे पूछताछ के लिए रिमांड की मांग कर सकती है। उनकी गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया अदालत के सामने होगी।
रिहाई के बाद आजम खान ने क्या कहा?
जेल से बाहर आने के बाद आजम खान ने मीडिया से बातचीत में अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा, “अब कहने के लिए बचा ही क्या है? मैं क्या कहूं? कानून तो जैसे खत्म ही हो गया है।” उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या मुसलमान होने की यही सजा है। उनकी रिहाई का इंतजार कर रहे समर्थकों के बीच ED की कार्रवाई के बाद नाराजगी देखने को मिली।