अभिजीत दिपके को 50 हजार के बेल बॉन्ड पर मिली रिहाई, बोले- डरने वाले नहीं, पीछे भी नहीं हटेंगे, लंबी लड़ाई के लिए तैयार
सौरव और आशु की रिहाई का इंतजार
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने रविवार को कहा कि सौरव दास और आशुतोष रांका के आने के बाद सभी लोग एक साथ बैठेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे। उन्होंने हाल के दिनों में हुई गिरफ्तारियों और हिरासत की घटनाओं को डराने और दबाव बनाने की कोशिश बताया। दिपके ने कहा कि वे न तो डरने वाले हैं और न ही पीछे हटने वाले हैं। यह लंबी लड़ाई है और वे इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं।
साथियों के आने के बाद तय होगी रणनीति
अभिजीत दिपके ने कहा कि सौरव और आशु के आने के बाद सभी लोग बैठकर आगे की रणनीति पर नए सिरे से विचार करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों को जल्द रिहा कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ कानूनी मामलों पर चर्चा करने के लिए वह वृंदा करात से मिलने जा रहे हैं।
#WATCH | Delhi: CJP founder Abhijeet Dipke says, "Once Saurav and Ashu come, we will gather, restrategize, and determine how to move forward. Given what we have witnessed over the past few days, including the illegal arrests and detentions, it is clear that there is an attempt to intimidate us. However, we will neither be intimidated nor back down. This is a long battle, and we are fully prepared for it. Hopefully, both of them will be released today. I am on my way to meet Vrinda Ma'am to discuss some legal matters regarding this."
— ANI (@ANI) October 18, 2026
50 हजार रुपए का बेल बॉन्ड भरने पर रिहाई
अभिजीत दिपके को शनिवार, 17 अक्टूबर को जमानत मिलने के बाद 50 हजार रुपए का बेल बॉन्ड भरने पर रिहा किया गया था। दिल्ली पुलिस ने उन्हें शुक्रवार देर रात गिरफ्तार किया था। इससे पहले कनॉट प्लेस में ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली से पहले उन्हें हिरासत में लिया गया था। आठ दिनों के भीतर उनके खिलाफ यह दूसरी कार्रवाई थी।
नेहा बोरा भी रिहा हुईं
सीजेपी से जुड़ी नेहा बोरा को भी शनिवार सुबह रिहा कर दिया गया। उन्हें शुक्रवार को दिल्ली के मंडी हाउस इलाके से हिरासत में लिया गया था। दिपके और नेहा की रिहाई के बाद संगठन के अगले कदम पर चर्चा शुरू हो गई है।
भारत लौटने के फैसले पर भी किया पोस्ट
रिहाई के बाद दिपके ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट साझा कर अमेरिका से भारत लौटने के फैसले का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि जिस दिन उन्होंने भारत लौटने का फैसला किया, उसी दिन उन्हें पता था कि उनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल जाएगी। उन्होंने जेल जाने की आशंका और परिवार को होने वाली परेशानियों का भी जिक्र किया।
संविधान के प्रति समर्पण की बात कही
दिपके ने पोस्ट में लिखा कि उन्हें पता था कि उनका रास्ता आसान नहीं होगा और संभव है कि वे पूरी तरह सफल न हो पाएं। इसके बावजूद उन्होंने कोशिश करने का फैसला किया। उन्होंने लिखा, “जिस दिन मैंने भारत आने का फैसला किया, उसी दिन मैंने अपनी किस्मत को देश के लोगों के हाथों में रख दिया और इस संविधान के प्रति सौंप दिया. जय हिंद!”