सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद बंद रहे 45 मेट्रो स्टेशन, कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल
अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
नई दिल्ली: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान मेट्रो स्टेशन बंद रखने के मामले में शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की गई। याचिकाकर्ता शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने 9 अक्टूबर को दिए गए कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया। याचिका में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन समेत अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था?
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि प्रदर्शन के कारण दिल्ली आने वाली मेट्रो और रेलवे सेवाओं पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई जानी चाहिए। सुरक्षा एजेंसियां कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठा सकती हैं, लेकिन आम लोगों को बेवजह परेशानी नहीं होनी चाहिए।
45 मेट्रो स्टेशन रखे गए बंद
CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का आह्वान किया था। सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशन शुक्रवार रात 9 बजे से शनिवार शाम 6 बजे तक बंद रखे गए। मेट्रो प्रशासन ने इसके पीछे सुरक्षा व्यवस्था को वजह बताया था।
अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
याचिका में कहा गया है कि स्टेशन बंद रहने से आम लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। याचिकाकर्ता ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट ने यातायात संबंधी जानकारी का व्यापक प्रचार करने और यात्रियों को परेशानी से बचाने के निर्देश भी दिए थे। हालांकि, याचिका पर आगे की कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।