गौरी शंकर गुप्ता -घरघोड़ा नप में विगत  चार सालों में पहली बार आम जनता में हाहाकार वाली स्थिति निर्मित होती दिख रही है। हालात इस कदर खराब हैं कि जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है।वही इन दिनों नगर की सफाई व्यवस्था चौपट स्तिथी बनी हुई है नगर के प्रमुख चोक चैराहो मे वार्डो की हालात जर्जर स्तिथि बनी हुई है वही नगर के कई वार्ड  मे जलभराव की स्तिथी  बनी हुई है। पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार को लेकर विख्यात घरघोड़ा नप में बेलगाम अधिकारी कर्मचारी ओर मुखिया की असंवेदन शीलता का परिणाम घरघोड़ावासी भुगत रहे हैं। 


सभी वार्डों में विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है नगर अंधेरे में डूबा हुआ है वहीं सफाई व्यवस्था भी ठप्प पड़ी है जबकि बरसात सर पर है, लेकिन इसके बाद भी सुध लेने वाला यहां कोई नहीं है।  जबकि टेक्स प्रति माह वसूल किया जा रहा है। सूत्रों की माने तो पार्षद के आवेदनों को रद्दी के टोकरी में डाल दिया जाता है और नगर पंचायत के अधिकारी की मनमानी इस बात से स्पष्ट होती है वही पुरानो बिल के भुगतान को लेकर सीएमओ  के द्वारा लापरवाही किया जाता है  कि पार्षदों द्वारा दिए गए जनहित के आवेदन व पार्षद निधि के कार्यों के आवेदन पर कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।वही नगर पंचायत द्वरा बिलो के भुगतान को लेकर सी ए के द्वरा नही आने के कारण राशि की भुगतान को लेकर गोल मोल जवाब दिया जाता है।
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