MP News : ग्लोबल स्किल्स पार्क में हर साल 10 हजार युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण, CM डॉ. मोहन यादव ने बताया सरकार का बड़ा लक्ष्य
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आने वाले समय में यह संस्थान हर वर्ष 10 हजार युवाओं को आधुनिक कौशल प्रशिक्षण देने की क्षमता विकसित करेगा।
भोपाल। मध्य प्रदेश में युवाओं को उद्योगों की बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के लिए संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क को और विस्तार देने की तैयारी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आने वाले समय में यह संस्थान हर वर्ष 10 हजार युवाओं को आधुनिक कौशल प्रशिक्षण देने की क्षमता विकसित करेगा। फिलहाल यहां करीब 2 हजार युवाओं को विभिन्न कौशल पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण देकर प्रमाण-पत्र प्रदान किए जा रहे हैं, जबकि वर्ष 2026 में करीब 3 हजार युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।
उद्योगों की जरूरत और युवाओं के कौशल के बीच बनेगा मजबूत तालमेल
ग्लोबल स्किल्स पार्क में आयोजित अभिमुखीकरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में केवल डिग्री ही पर्याप्त नहीं है। युवाओं को अपनी क्षमता के साथ आधुनिक तकनीकी कौशल भी हासिल करना होगा। उन्होंने कहा कि उद्योगों की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण मिलने से युवाओं को देश और विदेश दोनों जगह बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कृषि प्रधान मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था में कौशल आधारित उद्योगों की बढ़ती भूमिका का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि आने वाला समय कृषि के साथ विनिर्माण, तकनीक और सेवा क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन की बड़ी मांग लेकर आएगा।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में युवाओं के लिए बढ़ रहे अवसर
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में युवाओं के लिए रोजगार, कौशल और उद्यमिता के नए अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। केंद्र सरकार ने हर क्षेत्र में स्किल डेवलपमेंट को प्राथमिकता दी है और मध्य प्रदेश भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि भारतीय प्रतिभाएं दुनिया के अनेक देशों के विकास में योगदान दे रही हैं। ऐसे में युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ना और उन्हें वैश्विक रोजगार के लिए तैयार करना जरूरी है।
संत रविदास की सीख का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने संत शिरोमणि रविदास की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके जीवन से अपने कर्म और कौशल पर विश्वास रखने की प्रेरणा मिलती है। संत रविदास ने सामाजिक चुनौतियों के बीच अपने कर्म को ही अपनी पहचान बनाया और समाज को समानता तथा आत्मसम्मान का संदेश दिया।
उन्होंने युवाओं से कहा कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता। सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि व्यक्ति अपने काम को कितनी लगन, मेहनत और आत्मविश्वास के साथ करता है।
ग्लोबल स्किल्स पार्क का प्लेसमेंट रिकॉर्ड 98.9 प्रतिशत
मुख्यमंत्री ने ग्लोबल स्किल्स पार्क के 98.9 प्रतिशत प्लेसमेंट को बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि संस्थान में विश्व स्तरीय और बहुभाषीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिनका सीधा लाभ युवाओं को मिल रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार हासिल करने वाली युवतियों के अनुभव भी सुने। इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स और एडवांस इलेक्ट्रिकल जैसे क्षेत्रों में नियुक्ति पाने वाली प्रशिक्षुओं ने बताया कि संस्थान ने उन्हें तकनीकी दक्षता के साथ आत्मविश्वास भी दिया।
550 नए प्रशिक्षुओं का हुआ ओरिएंटेशन
ग्लोबल स्किल्स पार्क में 550 नवप्रवेशित प्रशिक्षुओं के लिए अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का निरीक्षण किया और प्रशिक्षण ले रहे युवाओं से सीधे संवाद किया।
उन्होंने इंजन लैब, ऑटोट्रॉनिक्स लैब और एडवांस CNC एवं प्रिसीजन इंजीनियरिंग जैसे ट्रेड में प्रशिक्षण ले रहे छात्रों से उनके अनुभव और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने युवाओं को नियमित रूप से अपने कौशल को बेहतर बनाने और तकनीकी बदलावों के साथ अपडेट रहने की सलाह दी।
आधुनिक प्रयोगशालाओं में Industry-Oriented Training
ग्लोबल स्किल्स पार्क में ऑटोमोबाइल, ऑटोट्रॉनिक्स, रोबोटिक्स, CNC, इलेक्ट्रिकल और अन्य उन्नत तकनीकी क्षेत्रों से जुड़े प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। यहां प्रयोगशालाओं को उद्योगों की वास्तविक जरूरतों के अनुसार विकसित किया गया है, ताकि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद छात्र कार्यस्थल की परिस्थितियों के लिए पहले से तैयार रहें।
उद्योग प्रतिनिधियों ने भी संस्थान की प्रशिक्षण व्यवस्था की सराहना की। उनका कहना था कि यहां प्रशिक्षित युवाओं को तकनीकी ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव भी मिलता है, जिससे उद्योगों के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार हो रहा है।
उद्योगों से सीधा जुड़ाव बढ़ाने पर जोर
कार्यक्रम में विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधियों ने बताया कि वे ग्लोबल स्किल्स पार्क से प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार दे रहे हैं। कुछ कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को भी उन्नत प्रशिक्षण के लिए संस्थान भेजने की इच्छा जताई।
उद्योग प्रतिनिधियों ने विशेष रूप से महिला प्रशिक्षुओं की संख्या बढ़ाने और उन्हें तकनीकी ट्रेड में अधिक अवसर देने की जरूरत पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हर औद्योगिक क्षेत्र की जरूरत को ध्यान में रखते हुए आसपास की ITI में संबंधित ट्रेडों के प्रशिक्षण का विस्तार किया जा रहा है।
तीन बड़े संस्थानों के साथ हुए समझौते
कार्यक्रम के दौरान ग्लोबल स्किल्स पार्क और Bajaj Auto Foundation के बीच समझौता हुआ। इसके तहत दोपहिया और तिपहिया वाहन सेवा तकनीशियनों के लिए उद्योग आधारित प्रशिक्षण केंद्र विकसित किया जाएगा।
वहीं Magic Billion के साथ हुए समझौते के जरिए मध्य प्रदेश के युवाओं को जर्मनी में रोजगार और अप्रेंटिसशिप के अवसर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। TWI India Pvt. Ltd. के साथ समझौते के तहत वेल्डिंग और नॉन-डिस्ट्रक्टिव टेस्टिंग के क्षेत्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किया जाएगा।
2026 में 3 हजार और आगे 10 हजार प्रशिक्षुओं का लक्ष्य
कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार गौतम टेटवाल ने कहा कि ग्लोबल स्किल्स पार्क युवाओं को बदलती तकनीक और उद्योगों की जरूरत के अनुसार तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में करीब 2 हजार प्रशिक्षुओं को प्रमाणित किया गया और 2026 में यह संख्या लगभग 3 हजार तक पहुंचने की उम्मीद है।
आने वाले समय में संस्थान की क्षमता को बढ़ाकर हर वर्ष 10 हजार युवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। संस्थान प्रदेश की 10 डिविजनल ITI के साथ हब-एंड-स्पोक मॉडल पर भी काम कर रहा है।
शिल्पकारों की प्रतिभा का भी सम्मान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न पारंपरिक शिल्पों से जुड़े कलाकारों को सम्मानित किया। माटी कला, काष्ठ शिल्प, क्रिस्टल, मार्बल और धातु शिल्प से जुड़े शिल्पकारों को शॉल और श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने उनके कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि पारंपरिक हुनर भी कौशल विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इन प्रतिभाओं को देश-विदेश तक पहुंचाने के प्रयास किए जाने चाहिए।
विदेशों में भी पहुंच रहे हैं ग्लोबल स्किल्स पार्क के प्रशिक्षु
ग्लोबल स्किल्स पार्क की CEO अदिति गर्ग ने बताया कि संस्थान की परिकल्पना वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सिंगापुर स्थित ITE संस्थान के दौरे से प्रेरित होकर की गई थी। वर्ष 2024 से मुख्य परिसर में उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण शुरू हुआ। उन्होंने बताया कि संस्थान में पिछले वर्ष करीब 98 प्रतिशत प्लेसमेंट रहा और पिछले दो वर्षों में 35 प्रशिक्षुओं को हंगरी, जापान सहित अन्य देशों में रोजगार के अवसर मिले हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल स्किल्स पार्क सिर्फ प्रशिक्षण देने वाला संस्थान नहीं, बल्कि प्रशिक्षण से रोजगार और रोजगार से आत्मनिर्भरता तक युवाओं को पहुंचाने वाला केंद्र बन रहा है। आने वाले वर्षों में इसकी क्षमता बढ़ने से मध्य प्रदेश के हजारों युवाओं को देश और विदेश में बेहतर करियर अवसर मिलने की उम्मीद है।