भोपाल। भोपाल में मंगलवार को ‘प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना’ के तहत राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय सभागार में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिरकत की और प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों से संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने 12वीं की परीक्षा में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल करने वाले 1.21 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए 304 करोड़ रुपये से अधिक की राशि उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की।

सरकार की योजना के तहत प्रत्येक पात्र विद्यार्थी के खाते में 25 हजार रुपये की राशि भेजी गई। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में प्रतीकात्मक रूप से 10 विद्यार्थियों को लैपटॉप प्रदान किए। खास बात यह रही कि राशि ट्रांसफर करने के दौरान विद्यार्थियों को भी कार्यक्रम में शामिल किया गया।

NEET और JEE Main में भी छात्रों ने दिखाया दम

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कई मेधावी विद्यार्थियों से बातचीत की। इस दौरान कुछ ऐसे छात्र भी सामने आए, जिन्होंने 12वीं की पढ़ाई के साथ NEET और JEE Main जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफलता हासिल की। छात्रों की उपलब्धियां देखकर मुख्यमंत्री ने उनकी मेहनत और प्रतिभा की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनके भविष्य के लक्ष्य को लेकर भी सवाल किए। किसी ने डॉक्टर बनने की इच्छा जताई तो किसी ने इंजीनियर, IAS, वैज्ञानिक और उद्यमी बनने का सपना साझा किया। सीएम ने छात्रों को बड़े लक्ष्य तय करने और उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत करने की सलाह दी।

किसान बनने की इच्छा पर CM ने पूछे सवाल

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से पूछा कि कितने बच्चों के परिवार खेती-किसानी से जुड़े हैं और कितने विद्यार्थी भविष्य में किसान बनना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि खेती-किसानी देश की अर्थव्यवस्था और समाज की बुनियादी जरूरत है। डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य पेशों की तरह कृषि क्षेत्र में भी युवाओं की भागीदारी जरूरी है। सीएम ने कहा कि देश के विकास में हर क्षेत्र की अपनी भूमिका है और युवाओं को अपनी रुचि के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों में आगे बढ़ना चाहिए।

नौकरी लेने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें

कार्यक्रम में छात्रा हिमांशी पाठक ने बताया कि वह शुरुआत में एयर होस्टेस बनना चाहती हैं, लेकिन आगे चलकर उद्यमी बनने का लक्ष्य रखती हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे सरल भाषा में ‘नौकरी पाने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनना’ कहा जा सकता है। वहीं अन्य विद्यार्थियों ने भी अपने करियर प्लान मुख्यमंत्री के साथ साझा किए। किसी ने डॉक्टर बनने का सपना बताया तो किसी ने देश की अंतरिक्ष अनुसंधान व्यवस्था में योगदान देने की इच्छा जताई।

असफलता से घबराने की जरूरत नहीं: CM मोहन यादव

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को सफलता के साथ असफलता का सामना करने का मंत्र भी दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में मिली सफलता को खुद पर हावी नहीं होने देना चाहिए और असफलता को भी दिल पर नहीं लेना चाहिए। पिछली गलतियों से सीख लेकर लगातार आगे बढ़ना ही सफलता का रास्ता है।

उन्होंने कहा कि सिर्फ परीक्षा में मिले अंक किसी व्यक्ति की पूरी पहचान तय नहीं करते। ज्ञान और कौशल जीवन में आगे बढ़ने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। विद्यार्थियों को अपने भीतर सीखने की इच्छा और आगे बढ़ने का संकल्प बनाए रखना चाहिए।

सरकार का फोकस डिजिटल शिक्षा पर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के साथ आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। विद्यार्थियों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें, ड्रेस, साइकिल, लैपटॉप और स्कूटी जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं।

उन्होंने बताया कि प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के तहत पहले वर्ष 473 विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए गए थे। इसके बाद योजना का विस्तार हुआ और पिछले वर्ष करीब 92 हजार विद्यार्थियों को इसका लाभ मिला। इस वर्ष स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग के करीब 1.22 लाख विद्यार्थी योजना से लाभान्वित हुए हैं।

मेडिकल कॉलेजों और MBBS सीटों में बढ़ोतरी का दावा

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकारी और निजी क्षेत्र को मिलाकर मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 33 हो गई है। राज्य में MBBS की 6,500 से अधिक सीटें उपलब्ध हैं।

सरकार ने आने वाले वर्षों में मेडिकल शिक्षा का और विस्तार करने का लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक वर्ष 2028 तक प्रदेश में कुल 55 मेडिकल कॉलेज और 10 हजार UG मेडिकल सीटें करने का लक्ष्य रखा गया है।

करीब 6.5 लाख विद्यार्थियों को मिल चुकी है राशि

स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए लैपटॉप योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में करीब पौने तीन लाख विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए राशि दी गई है।

मंत्री के अनुसार योजना के तहत अब तक करीब 6.5 लाख विद्यार्थियों के खातों में कुल 1,620 करोड़ रुपये की राशि भेजी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि लैपटॉप विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा और डिजिटल पढ़ाई में मददगार साबित होंगे।

शिक्षकों की भर्ती पर भी सरकार का फोकस

स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की प्रवेश दर लगातार बढ़ रही है। सरकार का दावा है कि स्कूलों में ड्रॉपआउट की समस्या को कम करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के स्कूलों में बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं और करीब 18 हजार रिक्त शिक्षक पदों पर भर्ती के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज के विद्यार्थी ही आने वाले समय में विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने युवाओं से ज्ञान, कौशल और मेहनत के साथ अपने सपनों को साकार करने का आह्वान किया।

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