भोपाल। मध्यप्रदेश में कक्षा 9वीं से 12वीं तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए परीक्षा से जुड़ा अहम बदलाव किया गया है। माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से मुख्य विषयों के प्रश्न पत्रों का पैटर्न बदल दिया है। नए नियमों के तहत अब 2 अंकों के अति लघु उत्तरीय प्रश्नों में विद्यार्थियों को आंतरिक विकल्प नहीं मिलेगा। यह व्यवस्था इसी सत्र से लागू होगी, इसलिए छात्रों को अपनी परीक्षा की तैयारी नए पैटर्न के अनुसार करनी होगी।

2 अंकों के सवालों का देना होगा सीधा जवाब

बोर्ड के नए निर्देशों के मुताबिक, कक्षा 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं के मुख्य विषयों में दो अंकों वाले अति लघु उत्तरीय प्रश्नों के लिए अब विकल्प नहीं दिया जाएगा। विद्यार्थियों को प्रश्न पत्र में पूछे गए सवाल का उत्तर देना होगा। इस बदलाव के चलते छात्रों को केवल चुनिंदा प्रश्नों की तैयारी करने के बजाय संबंधित पाठ्यक्रम की व्यापक तैयारी पर ध्यान देना होगा।

3 और 4 अंकों के प्रश्नों में विकल्प जारी

बोर्ड ने प्रश्न पत्र के बाकी हिस्सों में विकल्प की सुविधा पूरी तरह समाप्त नहीं की है। नए पैटर्न में 3 अंकों के लघु उत्तरीय और 4 अंकों के दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों में पहले की तरह आंतरिक विकल्प उपलब्ध रहेंगे। यानी इन प्रश्नों के लिए विद्यार्थियों को विकल्प के आधार पर उत्तर देने का मौका मिलता रहेगा।

NSQF विषयों के प्रश्न पत्रों में भी बदलाव

नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (NSQF) के अंतर्गत आने वाले विषयों के प्रश्न पत्रों में भी नई व्यवस्था लागू की जाएगी। इन विषयों में 5 अंकों के दीर्घ उत्तरीय और 7 अंकों के निबंधात्मक प्रश्नों में आंतरिक विकल्प देने का प्रावधान किया जाएगा। इस बदलाव से NSQF विषयों की परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के प्रश्न पत्रों की संरचना में बदलाव होगा।

समिति की बैठकों में लिया गया था फैसला

माध्यमिक शिक्षा मंडल के मुताबिक, प्रश्न पत्र पैटर्न में बदलाव का निर्णय 20 अगस्त 2025 को हुई पाठ्यचर्या समिति की बैठक में लिया गया था। इसके बाद 28 अगस्त 2025 को कार्यपालिका समिति की बैठक में इसे मंजूरी दी गई। इस संबंध में 15 अक्टूबर 2026 को जारी नोटिस के जरिए नए नियमों की जानकारी दी गई है। ये निर्देश शैक्षणिक सत्र 2026-27 की परीक्षाओं पर लागू होंगे।

बोर्ड परीक्षा की डेटशीट का इंतजार

नए पैटर्न की घोषणा के बीच कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को परीक्षा कार्यक्रम जारी होने का इंतजार है। पिछले वर्ष कक्षा 10वीं की परीक्षाएं 13 फरवरी से 7 मार्च तक, जबकि कक्षा 12वीं की परीक्षाएं 7 फरवरी से 5 मार्च तक आयोजित की गई थीं। इस वर्ष की डेटशीट को लेकर विद्यार्थियों को बोर्ड की आधिकारिक सूचना पर नजर रखनी चाहिए।

छात्रों के लिए तैयारी की रणनीति अहम

प्रश्न पत्र में बदलाव को देखते हुए विद्यार्थियों के लिए जरूरी है कि वे पाठ्यक्रम के सभी प्रमुख हिस्सों की तैयारी करें। खास तौर पर 2 अंकों के प्रश्नों में विकल्प नहीं होने के कारण किसी विषय को छोड़ने के बजाय उसकी बुनियादी अवधारणाओं को समझना महत्वपूर्ण होगा। साथ ही, विद्यार्थियों को बोर्ड की ओर से जारी आधिकारिक निर्देशों के अनुसार ही अपनी तैयारी की योजना बनानी चाहिए।

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