भोपाल। मध्यप्रदेश का 71वां स्थापना दिवस इस बार तीन दिवसीय राज्य स्तरीय समारोह के रूप में मनाया जाएगा। 1 से 3 नवंबर 2026 तक भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाले राज्योत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। समारोह की रूपरेखा की जानकारी राज्य मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने पत्रकार वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष आयोजन की थीम ‘विरासत से विकास’ रखी गई है, जिसके जरिए प्रदेश की सात दशक की विकास यात्रा, सांस्कृतिक पहचान और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री मोहन यादव करेंगे राज्योत्सव का शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 1 नवंबर को शाम 6:30 बजे राज्योत्सव का शुभारंभ करेंगे। उद्घाटन समारोह में 71 बच्चे सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का गायन करेंगे। इसके बाद मध्यप्रदेश पुलिस बैंड की ओर से राष्ट्रगान की प्रस्तुति दी जाएगी। भव्य आतिशबाजी भी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहेगी। पहले दिन मशहूर पार्श्व गायिका मोनाली ठाकुर सुगम संगीत की प्रस्तुति देंगी।

400 से अधिक कलाकार निकालेंगे सांस्कृतिक गौरव यात्रा

राज्योत्सव से पहले 30 और 31 अक्टूबर को भोपाल के प्रमुख मार्गों पर सांस्कृतिक गौरव यात्राएं निकाली जाएंगी। इनमें 400 से अधिक कलाकार हिस्सा लेंगे। समारोह के दौरान मध्यप्रदेश के साथ दूसरे राज्यों से आए लोक और जनजातीय कलाकार भी अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। तीनों दिन लोकनृत्य, जनजातीय नृत्य और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी।

लोकनृत्य और संगीत से सजेगी दूसरी शाम

राज्योत्सव के दूसरे दिन प्रदेश की लोक और जनजातीय संस्कृति की विविध झलक देखने को मिलेगी। इस दौरान अहिराई, करमा, सैला, भगोरिया, मटकी और बधाई जैसे पारंपरिक नृत्यों की प्रस्तुतियां होंगी। तीसरे दिन भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए प्रदेश की कला, परंपरा और विकास उपलब्धियों को सामने रखा जाएगा। 3 नवंबर को लोक गायक मामे खान की प्रस्तुति के साथ तीन दिवसीय समारोह का समापन होगा।

मेधावी विद्यार्थियों और क्विज विजेताओं को मिलेंगे पुरस्कार

स्थापना दिवस समारोह में प्रतिभाओं और विजेताओं को सम्मानित भी किया जाएगा। 102 मेधावी विद्यार्थियों को एक-एक लाख रुपये की भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। वहीं, किसान कल्याण स्वाभिमान पर्व क्विज के 165 विजेताओं को ट्रैक्टर, बुलेट और ई-स्कूटर दिए जाएंगे।

प्रदर्शनियों में दिखेगी प्रदेश की विरासत और उपलब्धियां

राज्योत्सव परिसर में कृषि, उद्योग, संस्कृति और जनसंपर्क विभाग की ओर से प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। इनमें प्रदेश की विकास योजनाओं, उपलब्धियों और नवाचारों की जानकारी मिलेगी। ‘राजा भोज का भोपाल’ प्रदर्शनी खास आकर्षण होगी, जिसमें शहर की ऐतिहासिक विरासत से जुड़े 160 चित्र प्रदर्शित किए जाएंगे।

किसान बाजार और व्यंजन मेले में दिखेगा स्थानीय स्वाद

समारोह में किसान बाजार और महिला उद्यमिता मंडप भी लगाए जाएंगे। यहां स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प की बिक्री होगी। इसके साथ ही ‘स्वाद-देशज व्यंजन मेला’ में मध्यप्रदेश के अलग-अलग अंचलों के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लेने का मौका मिलेगा।

आम लोगों के लिए प्रवेश निःशुल्क

राज्य मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने बताया कि तीनों दिन आयोजित होने वाले राज्योत्सव में आम नागरिकों का प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रहेगा। सरकार का उद्देश्य स्थापना दिवस समारोह के जरिए प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और विकास यात्रा को आम लोगों तक पहुंचाना है।

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