Asia Largest Soap Manufacturing Unit : भिंड। मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल अंचल में औद्योगिक विस्तार को एक और बड़ी गति मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भिंड जिले के मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र में गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स की चौथी एकीकृत विनिर्माण इकाई का शुभारंभ किया। कंपनी ने इस विस्तार में करीब 450 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश किया है। नई इकाई से क्षेत्र में 600 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

CM मोहन यादव बोले- मालनपुर ने चुनौती नहीं, भविष्य देखा

उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश को देश का दिल कहा जाता है और अब यह राज्य देश-विदेश के निवेशकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन रहा है। उन्होंने मालनपुर के औद्योगिक सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि गोदरेज ने करीब तीन दशक पहले जब यहां अपनी पहली इकाई स्थापित की थी, तब कंपनी ने क्षेत्र की चुनौतियों के बजाय उसकी संभावनाओं को पहचाना था। मुख्यमंत्री ने कहा कि चंबल अब अपनी पुरानी पहचान को पीछे छोड़कर उद्योग, निवेश और रोजगार के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। मालनपुर इस बदलाव का महत्वपूर्ण उदाहरण बन चुका है।

चौथी यूनिट से बढ़ेगा उत्पादन और रोजगार

गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स की नई इकाई शुरू होने के बाद मालनपुर स्थित कंपनी का औद्योगिक आधार और मजबूत होगा। कंपनी के मुताबिक, नई सुविधा में आधुनिक तकनीक और स्वचालित मशीनों का इस्तेमाल किया गया है। विस्तार के साथ कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ने की संभावना है। कंपनी की ओर से बताया गया कि मालनपुर प्लांट में साबुन, हेयर कलर और घरेलू कीटनाशक जैसे उत्पादों का निर्माण किया जाता है। नई इकाई के पूरी तरह संचालन में आने के बाद उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

एशिया की बड़ी सोप मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का दावा

गोदरेज समूह की एग्जीक्यूटिव चेयरपर्सन निसाबा गोदरेज ने कहा कि मालनपुर में कंपनी की नई विस्तार परियोजना के बाद यहां एशिया की सबसे बड़ी एकीकृत साबुन निर्माण सुविधाओं में से एक विकसित हुई है। उन्होंने बताया कि प्लांट में हर मिनट करीब 4,000 साबुन बार बनाने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि मालनपुर के साथ गोदरेज का रिश्ता 1991 से जुड़ा है और अब तक कंपनी ने यहां लगभग 850 करोड़ रुपये का निवेश किया है। नई परियोजना इस लंबे औद्योगिक साझेदारी को और मजबूत करने वाली है।

महिलाओं के लिए बढ़ेंगे रोजगार और नाइट शिफ्ट के अवसर

निसाबा गोदरेज ने मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में महिलाओं को सुरक्षित तरीके से नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किए गए प्रयासों से उद्योग जगत का भरोसा बढ़ा है। गोदरेज के मुताबिक, इससे महिलाओं के लिए रोजगार के साथ-साथ कौशल विकास और नेतृत्व के नए अवसर खुल सकते हैं। कंपनी ने सुरक्षित कार्य वातावरण को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल बताया।

चंबल में लगातार बढ़ रहा औद्योगिक निवेश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पिछले करीब दो महीनों में ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में तीसरी बड़ी मैन्युफैक्चरिंग परियोजना का शुभारंभ हुआ है। इससे पहले गुना में करीब 1,500 करोड़ रुपये के निवेश वाले सीमेंट प्लांट और शिवपुरी में डिफेंस सेक्टर की परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र अब तेजी से औद्योगिक नक्शे पर अपनी जगह बना रहा है। उन्होंने कहा कि एलेक्सर इंडस्ट्रीज, गौतम सोलर और अन्य कंपनियों की परियोजनाओं से क्षेत्र में निवेश का दायरा बढ़ रहा है। टॉय से लेकर टायर और सोलर से लेकर ग्लास मैन्युफैक्चरिंग तक अलग-अलग उद्योग यहां अपना आधार तैयार कर रहे हैं।

MP में 30% से ज्यादा निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरने का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पिछले ढाई वर्षों में मिले निवेश प्रस्तावों में से 30 प्रतिशत से ज्यादा निवेश जमीन पर आ चुका है। उन्होंने दावा किया कि मध्य प्रदेश में तैयार होने वाले करीब 76 हजार करोड़ रुपये के उत्पाद विदेशों तक निर्यात किए जा रहे हैं। उन्होंने निवेशकों को राज्य में कारोबार विस्तार के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि सरकार उद्योगों को सुविधाजनक कारोबारी वातावरण और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

जनवरी 2027 में Global Investors Summit का न्योता

मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों और निवेशकों को जनवरी 2027 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए भी आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि नए निवेश के जरिए युवाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर तैयार हों और मध्य प्रदेश देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों में शामिल हो।

मालनपुर से बदल रही चंबल की तस्वीर

विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि चंबल क्षेत्र को लंबे समय तक पिछड़ेपन और दस्यु समस्या से जोड़कर देखा जाता था, लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक निवेश, नए पार्क और विनिर्माण इकाइयां स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेंगी।उन्होंने भिंड में प्रस्तावित हाइड्रोजन प्लांट और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में विकसित हो रहे विभिन्न औद्योगिक पार्कों का भी उल्लेख किया।

अत्याधुनिक ऑटोमेशन और डिजिटाइजेशन से लैस प्लांट

गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के एमडी एवं सीईओ आसिफ मलवारी ने बताया कि नई इकाई को आधुनिक ऑटोमेशन और डिजिटाइजेशन तकनीक के साथ तैयार किया गया है। उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार के निवेश-अनुकूल माहौल और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि मालनपुर कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र है। प्लांट में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर करीब 2,800 किए जाने की संभावना जताई गई है।

मालनपुर को मिलेगा और निवेश का लाभ

मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि गोदरेज समूह भविष्य में मालनपुर में पांचवीं इकाई भी स्थापित कर सकता है। उन्होंने कंपनी से स्थानीय युवाओं के लिए कौशल विकास और प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने का आग्रह किया, ताकि नए औद्योगिक निवेश का सीधा लाभ क्षेत्र के युवाओं को मिल सके। गोदरेज की नई इकाई के उद्घाटन से मालनपुर के साथ पूरे ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सरकार और उद्योग जगत इसे निवेश, रोजगार और स्थानीय आर्थिक विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम बता रहे हैं।

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