छतरपुर गोलीकांड में धीरेंद्र शास्त्री के भाई को जमानत, हाईकोर्ट ने 50 हजार के मुचलके पर रिहाई के दिए निर्देश
शालिग्राम 15 जुलाई 2026 से न्यायिक हिरासत में थे।
नई दिल्ली: बागेश्वर धाम के कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग उर्फ ‘छोटे सरकार’ को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से राहत मिली है। जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ ने उनकी जमानत याचिका मंजूर कर ली। कोर्ट ने 50 हजार रुपए के मुचलके पर उन्हें जेल से रिहा करने के निर्देश दिए हैं। शालिग्राम 15 जुलाई 2026 से न्यायिक हिरासत में थे।
मारपीट और फायरिंग के आरोप
मामला छतरपुर जिले के राजनगर थाना क्षेत्र से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार शालिग्राम पर अपने साथियों के साथ मिलकर मोतीलाल कुशवाहा के साथ गाली-गलौज और मारपीट करने तथा फायरिंग करने का आरोप है। शिकायत में उन पर मोतीलाल के पेट में गोली मारने का भी गंभीर आरोप लगाया गया था।
बचाव पक्ष ने कहा- पुरानी रंजिश में फंसाया
हाईकोर्ट में शालिग्राम की ओर से अधिवक्ताओं ने आरोपों को गलत बताया। बचाव पक्ष ने दलील दी कि पुरानी रंजिश और राजनीतिक दबाव के चलते उन्हें मामले में फंसाया गया है। याचिका में यह भी कहा गया कि शिकायतकर्ता और ग्रामीणों ने पहले शालिग्राम पर हमला किया था और उनकी शिकायत पुलिस ने दर्ज नहीं की।
सरकार ने जमानत का किया विरोध
राज्य सरकार की ओर से जमानत का विरोध किया गया। शासकीय अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि शालिग्राम ने शिकायतकर्ता को रोककर गाली-गलौज की और सह-आरोपियों को लाठी से हमला करने के लिए उकसाया। साथ ही उन पर गोली चलाने का गंभीर आरोप भी है। सरकार ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत नहीं देने की मांग की।
10 सितंबर को सुरक्षित रखा था फैसला
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने 10 सितंबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब अदालत ने जमानत मंजूर करते हुए 50 हजार रुपए के मुचलके पर रिहाई के निर्देश दिए हैं। इससे पहले जिला अदालत शालिग्राम की जमानत याचिका खारिज कर चुकी थी।