MP NEWS: भोपाल। मध्य प्रदेश में सावन की झड़ी लगी हुई है। राजधानी भोपाल में भी बीते एक सप्ताह से प्रतिदिन झमाझम बारिश का दौर जारी है, जिससे अब पुरानी इमारतो ने जवाब देना शुरू कर दिया है। शहर के सरकारी स्कूलों के हाल भी बेहाल है। भोपाल के मोती मस्जिद क्षेत्र में बने शहर के तीसरे सबसे पुराने जहांगीरिया स्कूल अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। देख-रेख के आभाव में स्कूल की दीवारें कमजोर पड़ गई हैं। साथ ही छत से नीचे पानी टपक रहा हैं। स्कूल में आएं दिन छत का मलबा गिरता रहता हैं। 

MP NEWS: जिससे आए दिन स्कूल में पदस्थ शिक्षक शिक्षिकाओं के साथ छात्र और छात्राओं की जान आफत में बनी रहती हैं। वही कुछ महीनों पहले नमी के चलते गिरा पहले फ्लोर का मलबा भी वहीं पड़ा हुआ है। जिसके नीचे क्लासे संचालित हो रही है जो हादसों को आमंत्रण दे रही है। प्राचीन जहांगीरिया स्कूल पहुंचकर वहां की रियलिटी चेक की तो देखा कि स्कूल के मैदान में पानी भरा हुआ है। 


MP NEWS: जिससे काई जम गई है। स्कूल आने वाले बच्चे काई पर फिसल कर नीचे गिरकर घायल हो रहे हैं। साथ ही बारिश होने की स्थिति में डर की वजह से कई बच्चों ने स्कूल आना भी छोड़ दिया है। जब इस विषय को लेकर भोपाल जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार से सवाल जवाब किए गए तो उनका कहना था कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने स्कूल प्राचार्य को दो दिनों के भीतर मलबा हटाकर स्कूल में साफ सफाई करवाने के लिए निर्देशित किया है। साथ ही अगर स्कूल में निर्देशों का पालन नहीं होता है तो वह आगे कार्रवाई करेंगे।
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