Mandla News : डेस्क न्यूज। हनुमान जी के भक्तों के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन विशेष महत्व रखता है, और देशभर में कई हनुमान मंदिर अपनी अनूठी विशेषताओं के लिए प्रसिद्ध हैं। लेकिन मध्य प्रदेश के नर्मदा नदी से घिरे पुरवा गांव में स्थित एक ऐसा हनुमान मंदिर है, जहां बजरंग बली की मूर्ति दिन में तीन बार अपना रूप बदलती है। यह मंदिर अपनी इस चमत्कारी विशेषता के कारण दुनियाभर के श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित करता है।



Mandla News : बता दें कि इस मंदिर में स्थापित हनुमान जी की मूर्ति का स्वरूप सुबह 4 बजे से दोपहर 12 बजे तक हनुमान जी का बाल स्वरूप, दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक हनुमान जी का युवा रूप और शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक हनुमान जी की मूर्ति वृद्धावस्था में दिखाई देती है। यह विशेषता किसी और मंदिर में देखने को नहीं मिलती। इस अद्भुत चमत्कार के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है, और यहां हनुमान जी के दर्शन के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं।


Mandla News : हनुमान जी की अनूठी मूर्ति-
यहां हनुमान जी की मूर्ति में उन्हें एक हाथ में गदा और दूसरे हाथ में रुद्राक्ष की माला का जाप करते हुए दिखाया गया है, जो इस मंदिर की खास विशेषता है। आमतौर पर हनुमान जी की मूर्तियों में उन्हें लाल रंग में, पर्वत उठाते हुए या राम और सीता जी के सामने नतमस्तक अवस्था में दिखाया जाता है। परंतु इस मूर्ति में उन्हें जाप करते हुए दिखाया गया है, जो अपने आप में अद्वितीय है। यह मूर्ति इतनी दुर्लभ और विशिष्ट है कि इसे दुनिया का कोई शिल्पकार नहीं बना सकता, और इसे साक्षात हनुमान जी का ही रूप माना जाता है।


Mandla News : भक्तों की मान्यता-
इस मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति का रंग और रूप बदलने की घटना को साक्षात चमत्कार माना जाता है। यहां पूजा करने वाले भक्तों का मानना है कि हनुमान जी यहां साक्षात वास करते हैं, और उनकी उपस्थिति का अनुभव यहां हर श्रद्धालु को होता है। इस मंदिर में हनुमान जी का जाप और दर्शन करने से भक्तों को विशेष आशीर्वाद मिलता है। इस प्रकार, यह मंदिर सिर्फ मध्य प्रदेश में ही नहीं, बल्कि पूरे देशभर में हनुमान जी के भक्तों के लिए एक प्रमुख आस्था का केंद्र बन गया है।
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