Lunar Eclipse on Raksha Bandhan: नई दिल्ली। इस बार रक्षाबंधन का त्योहार खास संयोग के बीच मनाया जाएगा। 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को भाई-बहन के प्रेम का पर्व रक्षाबंधन है। इसी दिन साल का आखिरी चंद्र ग्रहण भी लगेगा। हालांकि राहत की बात यह है कि यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए देश में इसका सूतक भी मान्य नहीं होगा और राखी बांधने या पूजा-पाठ करने पर ग्रहण का कोई असर नहीं पड़ेगा।

सुबह 6:53 बजे शुरू होगा चंद्र ग्रहण

ज्योतिषीय गणना के अनुसार 28 अगस्त को चंद्र ग्रहण सुबह 6:53 बजे शुरू होकर दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा। ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देने के कारण यहां धार्मिक रूप से इसके नियम लागू नहीं होंगे। ऐसे में बहनें अपने भाइयों को सामान्य तरीके से राखी बांध सकेंगी।

सुबह के समय राखी बांधना रहेगा शुभ

रक्षाबंधन पर राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ बताया गया है। पहला शुभ समय सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक रहेगा। इसके अलावा सुबह 7:33 से 9:10 बजे और 9:10 से 10:46 बजे तक भी राखी बांधने के शुभ मुहूर्त बताए गए हैं।

राहुकाल में राखी बांधने से बचें

28 अगस्त को राहुकाल सुबह 10:31 बजे से दोपहर 12:07 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान शुभ कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है। ऐसे में राखी बांधने के लिए सुबह का समय चुनना बेहतर रहेगा।

दिन में कब रहेगा कौन सा चौघड़िया

रक्षाबंधन के दिन सुबह 5:58 से 7:31 बजे तक चर, 7:31 से 9:04 बजे तक लाभ और 9:04 से 10:37 बजे तक अमृत चौघड़िया रहेगा। इसके बाद 10:37 से 12:10 बजे तक काल और 12:10 से 1:43 बजे तक शुभ चौघड़िया रहेगा।

रात में चौघड़िया का समय

रात में 6:23 से 7:57 बजे तक रोग, 7:57 से 9:30 बजे तक काल, 9:30 से 11:04 बजे तक लाभ, 11:04 से 12:37 बजे तक उद्वेग, 12:37 से 2:11 बजे तक शुभ और 2:11 से 3:44 बजे तक अमृत चौघड़िया रहेगा।

भारत में नहीं दिखेगा, इसलिए नहीं लगेगा सूतक

रक्षाबंधन के दिन चंद्र ग्रहण होने के बावजूद भारत में इसके दिखाई नहीं देने के कारण यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा। इसलिए भाई-बहन बिना किसी धार्मिक बाधा के रक्षाबंधन मना सकते हैं। बहनें शुभ मुहूर्त में भाई की कलाई पर राखी बांधकर उनकी सुख-समृद्धि और लंबी उम्र की कामना कर सकती हैं।

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