Kalashtami: कालाष्टमी आज: रात में करें ये आसान उपाय, नकारात्मक ऊर्जा और नजर दोष का होगा नाश, जानिए पूजा का शुभ समय

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By :  Vpb
Update: 2026-03-11 13:42 GMT

Kalashtami: Dharm Desk: हिंदू धर्म में कालाष्टमी का विशेष महत्व माना जाता है। प्रत्येक माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को यह व्रत रखा जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 11 मार्च 2026 को रात 1 बजकर 55 मिनट से शुरू होकर 12 मार्च 2026 को सुबह 4 बजकर 18 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर इस बार कालाष्टमी का व्रत 11 मार्च को रखा जाएगा। यह दिन भगवान काल भैरव (Kaal Bhairav) की पूजा के लिए समर्पित होता है, जिन्हें Shiva का उग्र और शक्तिशाली रूप माना जाता है।

Kalashtami: काल भैरव पूजा का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान काल भैरव अपने भक्तों की रक्षा करते हैं और जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर करते हैं। इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने से भय, कर्ज, नकारात्मक ऊर्जा और नजर दोष से राहत मिलने की मान्यता है।

Kalashtami: नजर दोष से बचने के उपाय

ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार कालाष्टमी के दिन लोहे की वस्तुएं जैसे कढ़ाई या बर्तन दान करना शुभ माना जाता है। इससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और बुरी नजर का प्रभाव कम होता है।

Kalashtami: सिंदूर और काला धागा

काल भैरव मंदिर से लाल सिंदूर लाकर माथे पर लगाना शुभ माना जाता है। साथ ही कलाई में काला धागा बांधने से नकारात्मक प्रभावों से रक्षा होती है।

Kalashtami: मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं

शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर चौमुखी दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं।

Kalashtami: काले कुत्ते को मीठी रोटी खिलाएं

मान्यता है कि इस दिन काले कुत्ते को मीठी रोटी खिलाने से भगवान काल भैरव की कृपा प्राप्त होती है और नजर दोष से बचाव होता है।

Kalashtami: पूजा का शुभ समय

कालाष्टमी के दिन निशा काल में पूजा करना सबसे अधिक शुभ माना जाता है। इस बार पूजा का शुभ समय रात 11 बजकर 35 मिनट से 12 बजकर 23 मिनट तक रहेगा। इस समय सच्चे मन से पूजा करने से जीवन में शांति, सुरक्षा और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होने की मान्यता है।

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