Jharkhand: रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्रों के आंदोलन के बीच हेमंत सोरेन सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने जेपीएससी और जेएसएससी की 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द कर दी हैं, जबकि 6 परीक्षाओं को अगले आदेश तक स्थगित किया गया है। वहीं, 2014 से अब तक आयोजित 17 भर्ती परीक्षाओं की सीआईडी जांच कराने का फैसला लिया गया है।

2,628 चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्तियां प्रभावित

सरकार के इस फैसले से 2,628 चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्तियां प्रभावित हुई हैं। इनमें जेपीएससी की 11वीं से 13वीं परीक्षा से चयनित 342 अधिकारी, 54 फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर, 63 एसडीपीओ, 237 महिला पर्यवेक्षिका और जेएसएससी-सीजीएल से चयनित 1,932 कर्मचारी शामिल हैं।

ये प्रमुख परीक्षाएं रद्द

रद्द की गई परीक्षाओं में झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2025, 2023 और बैकलॉग परीक्षाएं, सिविल जज जूनियर डिवीजन, ड्रग इंस्पेक्टर, सहायक वन संरक्षक, फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर, खाद्य सुरक्षा अधिकारी और बाल विकास परियोजना पदाधिकारी की परीक्षाएं शामिल हैं। इसके अलावा जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा भी रद्द कर दी गई है।

6 परीक्षाएं अगले आदेश तक स्थगित

सरकार ने खाद्य विश्लेषक, उप निदेशक अभियोजन, प्रोजेक्ट मैनेजर, फैक्ट्री इंस्पेक्टर, बॉयलर इंस्पेक्टर और निदेशक की भर्ती परीक्षाओं को फिलहाल स्थगित किया है। इनकी नई तारीख को लेकर बाद में आदेश जारी किया जाएगा।

17 परीक्षाओं की होगी CID जांच

सरकार ने 2014 से अब तक आयोजित 17 भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच का आदेश दिया है। कार्मिक विभाग ने 18 अगस्त की देर रात आठ अधिसूचनाएं जारी कीं। सरकार के मुताबिक ये फैसले CID और SIT की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर लिए गए हैं।

भर्ती व्यवस्था में सुधार की तैयारी

सरकार ने भविष्य में परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट, आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ और परीक्षा सुधार समिति गठित करने का फैसला लिया है। अब प्रभावित अभ्यर्थियों को नई भर्ती प्रक्रिया और सरकार के अगले आदेश का इंतजार रहेगा।

Tags: