बर्लिन। यूरोप के कई देशों में युवाओं के विरोध प्रदर्शनों के बीच अब जर्मनी में भी हिंसा भड़क उठी है। शनिवार देर रात जर्मनी के वित्तीय केंद्र फ्रैंकफर्ट, बर्लिन, कोलोन और हैम्बर्ग समेत कई बड़े शहरों में उग्र प्रदर्शनकारियों ने जमकर उत्पात मचाया। दुकानों में लूटपाट, तोड़फोड़ और पुलिसर्किमयों पर हमलों के बीच सुरक्षा बलों को सख्ती बरतनी पड़ी। इस हिंसक झड़प में 27 पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि सैकड़ों उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है।

'Gen Z रेगेल्ट' के बैनर तले उतरे थे युवा

शुरुआत में दिन के वक्त हजारों युवाओं ने ज्यादातर शांतिपूर्ण प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था। इन प्रदर्शनों का आयोजन कैंपेन ग्रुप Gen Z regelt द्वारा किया गया था, जिसका अर्थ है Gen Z ने चार्ज ले लिया है। प्रदर्शनकारी स्कूलों में फंडिंग की भारी कमी, बढ़ते जीवन-यापन के खर्च, सरकारी बजट में कटौती और अनिवार्य सैन्य सेवा के खिलाफ सड़कों पर उतरे थे।

संगठन की प्रवक्ता लीना फ्रेडरिक ने स्पष्ट किया कि ये प्रदर्शन शांति और स्वतंत्रता के लिए थे, लेकिन स्थिति तब बिगड़ गई जब कुछ उपद्रवी इसमें शामिल हो गए।

फ्रैंकफर्ट और बर्लिन में सबसे ज्यादा हिंसा

जर्मनी के फ्रैंकफर्ट शहर में शनिवार रात स्थिति बेकाबू हो गई। शहर के बीचोंबीच मुख्य शॉपिंग स्ट्रीट पर उपद्रवियों ने कई दुकानों की खिड़कियां तोड़ दीं और सामान चुरा लिया।

उग्र भीड़ ने इमरजेंसी सेवाओं के कर्मचारियों पर मोलोटोव कॉकटेल, पटाखे, पत्थर और बोतलें फेंकीं। एक गन शॉप को भी निशाना बनाया गया, जहां से एक संदिग्ध को गिरफ्तार कर दो हथियार जब्त किए गए।

हेस्से राज्य के गृह मंत्री रोमन पोसेक ने खुलासा किया कि प्रदर्शन में करीब 100 संदिग्ध वामपंथी चरमपंथी शामिल हो गए थे, जिन्होंने हिंसा को बढ़ावा दिया।

27 पुलिस अधिकारी घायल

वहीं, बर्लिन में शाम को हुए प्रदर्शन के दौरान 27 पुलिस अधिकारी घायल हुए और 56 लोगों को हिरासत में लिया गया। इसके अलावा हैम्बर्ग में काले कपड़े पहने प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स में आग लगाई, जिसके बाद पुलिस ने करीब 120 लोगों को गिरफ्तार किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को वॉटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा।

फ्रांस और पुर्तगाल समेत पूरे यूरोप में सुलग रहा गुस्सा

जर्मनी में फैली यह अशांति फ्रांस में हुए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बाद देखने को मिली है। शनिवार को फ्रांस में 3.20 लाख से अधिक लोगों ने बढ़ती महंगाई और शिक्षा क्षेत्र की बदहाली के खिलाफ प्रदर्शन किया। फ्रांस के गृह मंत्रालय के मुताबिक, देश भर में कार्रवाई करते हुए 770 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया।

इटली (रोम और ट्यूरिन) तथा पुर्तगाल में भी आवास संकट और बढ़ते किराए के खिलाफ युवा सड़कों पर उतरे हैं। पिछले कुछ हफ्तों में बेल्जियम, आयरलैंड, स्पेन, ग्रीस, सर्बिया और अल्बानिया समेत कई यूरोपीय देशों में युवा वर्ग बढ़ती महंगाई, आवास की कमी और सरकारी सेवाओं में कटौती के खिलाफ विरोध दर्ज करा चुका है।

जर्मनी के गृह मंत्री अलेक्जेंडर डोब्रिंड्ट ने इस अराजकता की कड़ी निंदा करते हुए दंगाइयों और दुकान लूटने वालों के खिलाफ सख्त सजा की मांग की है। हालांकि, रविवार रात तक जर्मन पुलिस ने विभिन्न शहरों में स्थिति पर पूरी तरह काबू पा लिया है।

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