IAS officer: सीधी: जिले की जिला पंचायत में पदस्थ आईएएस और मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) अंशुमान राज को रिश्वत देने की कोशिश करना दो नेताओं को महंगा पड़ गया। जिला पंचायत सीईओ ने एसपी को सूचना देकर मिठाई के डिब्बे में रखे लिफाफे के साथ पहुंचे नेताओं को थाने भिजवा दिया।

IAS officer: वास्तव में, जिला पंचायत सीईओ अंशुमान राज अपने विभागीय कार्यों में व्यस्त थे, तभी सीधी जिले के रघुनाथपुर गांव के सरपंची चुनाव के प्रत्याशी रहे विनोद त्रिपाठी और एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य मिठाई का डिब्बा और एक आवेदन लेकर उनके दफ्तर पहुंचे। 

IAS officer: सीईओ ने आवेदन के साथ मिठाई के डिब्बे में लिफाफा देखकर पूछा कि उसमें क्या है। जैसे ही उन्हें समझ आया कि इसमें रिश्वत दी जा रही है, उन्होंने तुरंत अपने सुरक्षाकर्मी और सहायक से दोनों नेताओं को बाहर बैठाने को कहा।

IAS officer: सीईओ ने तुरंत जिले के पुलिस अधीक्षक रवींद्र वर्मा को इसकी जानकारी दी। जब तक दोनों नेता कुछ समझ पाते, कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई और विनोद त्रिपाठी को पूछताछ के लिए थाने ले गई। 

IAS officer: इस दौरान एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य वहां से फरार हो गए, लेकिन पुलिस ने सीईओ की शिकायत पर उन्हें भी ढूंढ निकाला और हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन अभी तक दोनों नेताओं की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।

IAS officer: मामले के पीछे ग्राम पंचायत रघुनाथपुर के सचिव मनोज कुमार शुक्ला के खिलाफ एक शिकायत बताई जा रही है, जिसके चलते जिला पंचायत सीईओ ने सचिव के वित्तीय प्रभार पर रोक लगा दी थी। उसी प्रभार को ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक को दिलाने के लिए दोनों नेता सरपंच के नाम से लिखित लेटर हेड, मिठाई और लिफाफा लेकर पहुंचे थे, जिसके बाद सीईओ ने उन्हें थाने भिजवा दिया।
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