Nag Panchami 2026 : नाग देवता के 10 प्रसिद्ध मंदिर, जहां दर्शन के लिए उमड़ते हैं श्रद्धालु
उज्जैन से प्रयागराज और केरल तक नाग देवता के प्रसिद्ध मंदिरों की खास मान्यताएं, नाग पंचमी पर इन धार्मिक स्थलों में उमड़ती है श्रद्धालुओं की भीड़.
Nag Panchami 2026 : धर्म डेस्क। सावन शुक्ल पंचमी के दिन नाग पंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान शिव और नाग देवता की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। देशभर में नाग देवता को समर्पित कई प्राचीन मंदिर और धार्मिक स्थल हैं, जिनसे अलग-अलग पौराणिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। आइए जानते हैं नाग पंचमी के अवसर पर ऐसे ही 10 प्रसिद्ध नाग मंदिरों के बारे में।
1. नागचंद्रेश्वर मंदिर, उज्जैन
उज्जैन के महाकाल मंदिर की तीसरी मंजिल पर स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर की सबसे खास बात यह है कि इसके कपाट साल में केवल एक दिन नाग पंचमी पर श्रद्धालुओं के लिए खोले जाते हैं। मान्यता है कि यहां नागराज तक्षक का वास है। मंदिर में भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश को सर्प शय्या पर विराजमान स्वरूप में पूजा जाता है।
2. कर्कोटेश्वर मंदिर, उज्जैन
उज्जैन के महाकाल क्षेत्र में स्थित कर्कोटेश्वर मंदिर का संबंध नागराज कर्कोटक से जोड़ा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यहां पूजा-अर्चना करने से सर्प भय और नाग दोष से मुक्ति की कामना की जाती है।
3. वासुकि नाग मंदिर, प्रयागराज
प्रयागराज के दारागंज क्षेत्र में संगम के निकट वासुकि नाग मंदिर स्थित है। भगवान शिव के गले में विराजमान नागराज वासुकि को समर्पित इस मंदिर में नाग पंचमी के अवसर पर विशेष पूजा और मेला आयोजित होता है।
4. तक्षकेश्वर नाथ मंदिर, प्रयागराज
यमुना किनारे स्थित तक्षकेश्वर नाथ मंदिर को प्रयागराज के प्राचीन नाग मंदिरों में गिना जाता है। इसका उल्लेख धार्मिक ग्रंथों में प्रयाग माहात्म्य के संदर्भ में मिलता है।
5. मन्नारशाला नाग मंदिर, केरल
केरल के अलेप्पी क्षेत्र में स्थित मन्नारशाला नाग मंदिर अपनी बड़ी संख्या में नाग प्रतिमाओं के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर परिसर हरियाली से घिरा हुआ है और यहां नागराज तथा नागयक्षी देवी की पूजा की जाती है।
6. कर्कोटक नाग मंदिर, भीमताल
उत्तराखंड के भीमताल क्षेत्र में पहाड़ी पर स्थित कर्कोटक नाग मंदिर को प्राचीन धार्मिक स्थल माना जाता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार इस स्थान का संबंध नागराज कर्कोटक से है और नाग पंचमी पर यहां श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है।
7. धौलीनाग मंदिर, बागेश्वर
बागेश्वर जिले में विजयपुर के पास पहाड़ी पर स्थित धौलीनाग मंदिर नाग देवता की आस्था का प्रमुख केंद्र है। नाग पंचमी के अवसर पर यहां विशेष पूजा और मेले का आयोजन होता है। कुमाऊं क्षेत्र में नाग देवता को समर्पित कई अन्य मंदिर भी प्रसिद्ध हैं।
8. नाग मंदिर, पटनीटॉप
जम्मू-कश्मीर के पटनीटॉप क्षेत्र में स्थित नाग मंदिर को करीब 600 वर्ष पुराना बताया जाता है। नाग पंचमी के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। यह मंदिर पहाड़ी क्षेत्र में स्थित होने के कारण धार्मिक आस्था के साथ प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी जाना जाता है।
9. नाग मंदिर, नागपुर गांव, इंदौर
इंदौर से करीब 30 किलोमीटर दूर नागपुर गांव में स्थित नाग मंदिर स्थानीय मान्यताओं के कारण चर्चा में रहता है। यहां नाग देवता की प्रतिमाओं की पूजा की जाती है और मंदिर से जुड़ी कई लोककथाएं प्रचलित हैं।
10. भीलट देव मंदिर, नागलवाड़ी
मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के नागलवाड़ी शिखरधाम में स्थित भीलट देव मंदिर नाग देवता की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मान्यता है कि बाबा भीलटदेव का संबंध भगवान शिव से है और उन्हें नाग देवता के स्वरूप में पूजा जाता है। नाग पंचमी पर यहां विशेष पूजा के साथ बड़ा मेला भी लगता है।