Ganesh Chaturthi 2026 : धर्म डेस्क। गणेश चतुर्थी का पर्व भगवान गणेश की पूजा-आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु घरों में गणपति बप्पा की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा करते हैं। अगर आप भी इस साल घर में गणेश जी की स्थापना करने जा रहे हैं, तो मूर्ति खरीदते समय उनके स्वरूप और मुद्रा से जुड़ी कुछ पारंपरिक मान्यताओं का ध्यान रखा जा सकता है।

बैठे हुए गणपति की प्रतिमा को माना जाता है शुभ

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार घर में स्थापना के लिए बैठे हुए गणपति की प्रतिमा को शुभ माना जाता है। ऐसी प्रतिमा को सुख, शांति और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है। पूजा स्थल की जगह के अनुसार छोटी या मध्यम आकार की मूर्ति का चयन किया जा सकता है।

सूंड की दिशा पर भी दें ध्यान

गणपति की सूंड की दिशा को लेकर अलग-अलग धार्मिक परंपराएं प्रचलित हैं। कई परिवारों में घर में पूजा के लिए बाईं ओर मुड़ी सूंड वाले गणपति को प्राथमिकता दी जाती है। हालांकि, मूर्ति का चयन करते समय अपनी पारिवारिक परंपरा और स्थानीय धार्मिक मान्यताओं को प्राथमिकता देना उचित माना जाता है।

मूर्ति का स्वरूप हो शांत और प्रसन्न

घर में स्थापित की जाने वाली गणपति प्रतिमा का स्वरूप शांत, सौम्य और प्रसन्न होना शुभ माना जाता है। कई परंपराओं में गणेश जी के साथ मूषक वाहन और हाथ में मोदक वाली प्रतिमा को भी शुभ माना जाता है। मूर्ति खरीदते समय यह जरूर देख लें कि प्रतिमा कहीं से टूटी या खंडित न हो।

मिट्टी की प्रतिमा को दें प्राथमिकता

पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए गणेश चतुर्थी पर प्राकृतिक मिट्टी से बनी प्रतिमा लेना बेहतर विकल्प हो सकता है। प्राकृतिक रंगों से तैयार मूर्तियां विसर्जन के दौरान अपेक्षाकृत आसानी से घुल जाती हैं और पर्यावरण पर भी कम प्रभाव डालती हैं।

घर लाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

गणपति की प्रतिमा खरीदने से पहले पूजा स्थल की जगह और प्रतिमा के आकार का ध्यान रखें। मूर्ति को साफ-सुथरे और उचित स्थान पर स्थापित करें। स्थापना से पहले पूजा की आवश्यक सामग्री भी तैयार रखें।

धार्मिक मान्यताएं परिवार, क्षेत्र और परंपरा के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं। इसलिए गणपति की प्रतिमा चुनते समय अपनी पारिवारिक परंपरा और स्थानीय पंडित की सलाह को प्राथमिकता देना बेहतर रहेगा।

Tags: