fake ayushman card: आयुष्मान योजना में बड़ा फ्रॉड: ED की 19 ठिकानों पर छापेमारी; हिमाचल सीएम का करीबी भी जांच के दायरे में
fake ayushman card: आयुष्मान योजना में बड़ा फ्रॉड: ED की 19 ठिकानों पर छापेमारी; हिमाचल सीएम का करीबी भी जांच के दायरे में
By : Anushka Singh
Update: 2024-07-31 01:06 GMT
fake ayushman card: नई दिल्ली: फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाकर मरीजों के इलाज के नाम पर सरकार से रकम वसूलने के मामले में ईडी ने जांच शुरू की है। इस मामले में ईडी ने दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के 19 ठिकानों पर छापेमारी की है। आरोप है कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाए गए और इन कार्डों के आधार पर मेडिकल बिल तैयार कर भारी रकम सरकार से वसूल ली गई। इससे सरकार को बड़ा नुकसान हुआ है। ईडी सूत्रों के अनुसार, इस मामले में कई प्रमुख लोगों के नाम सामने आए हैं।
fake ayushman card: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, ऊना, शिमला, मंडी और कुल्लू जिलों में भी ऐसे मामले उजागर हुए हैं। इस केस में बांके बिहारी हॉस्पिटल और फोर्टिस हॉस्पिटल जैसे बड़े अस्पतालों का नाम भी शामिल है। इसके अतिरिक्त, कांगड़ा जिले की नगरोटा सीट से विधायक आरएस बाली और कांगड़ा में श्री बालाजी हॉस्पिटल के डॉ. राजेश शर्मा का नाम भी इस फ्रॉड में आया है। डॉ. राजेश शर्मा को हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू का करीबी माना जाता है।
fake ayushman card: ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां किसी और के आयुष्मान कार्ड पर दूसरे का इलाज किया गया या बिना इलाज के ही बिल तैयार कर लिए गए। ईडी की जांच इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अत्यंत महत्वपूर्ण है। आयुष्मान योजना के तहत गरीब परिवारों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल सकता है।