Chhalre Chhalre Waal Song Viral: सोशल मीडिया पर इन दिनों पाकिस्तानी गाना ‘छलरे छलरे वाल’ खूब पसंद किया जा रहा है। इस गाने पर भारत में बड़ी संख्या में रील्स बनाई जा रही हैं और इसके बोल लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। गाने को पाकिस्तानी कलाकार शानजे सियाल और मोहसिन लशारी ने गाया है। खास बात यह है कि दोनों कलाकारों के मुताबिक, उन्हें पाकिस्तान की तुलना में भारत से ज्यादा लोकप्रियता और प्यार मिला है। हाल ही में बीबीसी हिंदी को दिए इंटरव्यू में उन्होंने गाने की सफलता और भारतीय दर्शकों से मिले रिस्पॉन्स पर बात की।

भारत में वायरल होने के बाद पाकिस्तान में मिली पहचान

शानजे सियाल ने इंटरव्यू में बताया कि शुरुआत में उन्होंने ‘छलरे छलरे वाल’ गाने को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। इसके कुछ बोल भारत में वायरल होने लगे और भारतीय दर्शकों ने गाने को खूब पसंद किया। शानजे के मुताबिक, भारत के कई बड़े सितारों ने भी गाने की तारीफ की। हालांकि, उस समय पाकिस्तान में उनके गाने को उतनी पहचान नहीं मिली थी।

भारतीय इन्फ्लुएंसर्स की रील्स ने बढ़ाई लोकप्रियता

शानजे सियाल ने कहा कि पाकिस्तान में उनकी ऑडियंस का एक बड़ा हिस्सा भारतीय लोगों और वहां के ट्रेंड्स से प्रभावित होता है। जब भारतीय इन्फ्लुएंसर्स ने इस गाने पर रील्स बनानी शुरू कीं, तब पाकिस्तान में भी लोगों का ध्यान इस ओर गया। इसके बाद गाना तेजी से लोकप्रिय होने लगा और लोग इसे अपनी सराइकी भाषा और संस्कृति से जोड़कर प्रचारित करने लगे।

शानजे के अनुसार, पहले सराइकी भाषा के गीतों को लेकर कुछ लोगों की धारणा अलग थी। लेकिन भारतीय दर्शकों से मिले रिस्पॉन्स के बाद इस गाने को एक नई पहचान मिली। उनके बयान से यह भी सामने आया कि सोशल मीडिया पर किसी गाने की लोकप्रियता सीमाओं से परे कलाकारों को पहचान दिला सकती है।

मोहसिन लशारी बोले- भारत से मिल रहा बहुत प्यार

गाने के दूसरे गायक मोहसिन लशारी ने भी भारतीय दर्शकों के प्यार का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनके वीडियो के कमेंट सेक्शन में बड़ी संख्या में लोग भारत से प्यार भेजने की बात लिखते हैं। मोहसिन के मुताबिक, भारतीय दर्शकों से मिल रहा यह प्यार उनके लिए खास है।

क्या है ‘छलरे छलरे वाल’ का मतलब?

‘छलरे-छलरे वाल’ सराइकी भाषा का एक लोकप्रिय बोल है, जिसका अर्थ घुंघराले और लहराते हुए बालों से जुड़ा है। गाने में खूबसूरती, पहनावे और अंदाज की तारीफ की गई है। इसके बोलों में किसी की आकर्षक शख्सियत को अलग-अलग उदाहरणों के जरिए बयां किया गया है।

गाने के बोलों में खूबसूरती की तारीफ

गाने की पंक्ति ‘तू सांवल फूल कस्तूरी’ में किसी को सांवले रंग के खूबसूरत फूल जैसा बताया गया है, जिसकी खुशबू कस्तूरी की तरह मनमोहक है। वहीं, ‘तेरी थी गई बहु मशूरी’ का भाव है कि उस व्यक्ति की खूबसूरती के चर्चे दूर-दूर तक फैल चुके हैं।

‘झा-झा ते, हर झा ते, पाए देंदे लोक मिसाल’ में बताया गया है कि लोग जहां भी उस शख्स को देखते हैं, उसकी खूबसूरती की मिसाल देने लगते हैं। वहीं, ‘छलरे-छलरे वाल, मोंढे रखदैं काली शॉल’ में घुंघराले बालों और कंधे पर रखी काली शॉल के अंदाज का जिक्र है।

गाने की एक अन्य पंक्ति ‘हथ चेनै रत्ता रुमाल, तेरियां रीसां कौन करे?’ में हाथ में लाल रुमाल और उस व्यक्ति के अनोखे अंदाज की तारीफ की गई है। इसका भाव है कि उसके जैसा अंदाज किसी और का नहीं है।

सराइकी भाषा के गाने को मिली नई पहचान

सराइकी पाकिस्तान के दक्षिणी पंजाब, उत्तरी सिंध और खैबर पख्तूनख्वा के दक्षिणी हिस्सों में बोली जाने वाली भाषा है। ‘छलरे छलरे वाल’ की लोकप्रियता ने इस भाषा के गीतों को सोशल मीडिया पर नई पहचान दिलाई है। शानजे सियाल और मोहसिन लशारी के बयानों के मुताबिक, भारतीय दर्शकों और इन्फ्लुएंसर्स की भागीदारी ने गाने को लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाई। यह गाना दिखाता है कि संगीत और सोशल मीडिया की दुनिया में भाषा और देश की सीमाओं से परे भी दर्शकों का जुड़ाव बन सकता है।

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