ENG vs IND: लीड्स/मुंबई: इंग्लैंड के खिलाफ लीड्स में पहले टेस्ट में भारत की हार के बाद मुख्य कोच गौतम गंभीर ने व्यक्तिगत प्रदर्शन की तारीफ करने से साफ इनकार कर दिया। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि जब तक टीम जीत नहीं हासिल करती, तब तक व्यक्तिगत उपलब्धियां कोई मायने नहीं रखतीं। जब ऋषभ पंत के दो शतकों के बारे में पूछा गया, तो गंभीर ने तल्खी से कहा, "केवल ऋषभ ने नहीं, यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल और केएल राहुल ने भी शतक लगाए। एक टेस्ट में पांच शतक बनाना बड़ी बात है, लेकिन यह सवाल और बेहतर हो सकता था।"

गंभीर ने जोर देकर कहा कि व्यक्तिगत प्रदर्शन तभी मायने रखता है, जब वह टीम की जीत में योगदान दे। उन्होंने कहा, "जसप्रीत बुमराह ने पांच विकेट लिए, हमारे बल्लेबाजों ने शतक जमाए, लेकिन आखिर में हम मैच नहीं जीत सके। हमें अब इससे सबक लेकर आगे बढ़ना होगा।"

गेंदबाजी आक्रमण पर गंभीर का भरोसा

भारत की गेंदबाजी में अनुभव की कमी इस हार में साफ दिखी। बुमराह को छोड़कर, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज और शार्दुल ठाकुर प्रभावी नहीं रहे। इंग्लैंड ने 371 रनों का लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया। गंभीर ने कहा, "हमारे अधिकतर तेज गेंदबाज अभी नए हैं। उन्हें समय देना होगा। पहले हमारे पास 40 टेस्ट का अनुभव रखने वाले गेंदबाज थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है। टेस्ट क्रिकेट में अनुभव बहुत मायने रखता है।"

उन्होंने प्रसिद्ध कृष्णा की तारीफ की, जिन्होंने पांच विकेट लिए, लेकिन रन भी लुटाए। गंभीर ने कहा, "प्रसिद्ध में एक शानदार टेस्ट गेंदबाज बनने की काबिलियत है।" शार्दुल के कम ओवर फेंकने पर उन्होंने कप्तान के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि परिस्थितियों के अनुसार गेंदबाजों का उपयोग किया गया।

निचले क्रम की नाकामी

भारत की हार में निचले क्रम का कमजोर प्रदर्शन भी एक बड़ा कारण रहा। पहली पारी में अंतिम सात विकेट 41 रन में और दूसरी पारी में छह विकेट 31 रन में गिर गए। गंभीर ने कहा, "हमें शीर्ष छह बल्लेबाजों से बड़ी पारियों की जरूरत थी, लेकिन निचला क्रम भी योगदान दे, यह जरूरी है।" गंभीर ने भविष्य पर जोर देते हुए कहा, "हमारा लक्ष्य एक मजबूत गेंदबाजी आक्रमण तैयार करना है, जो लंबे समय तक भारत की सेवा करे। हार से सीखकर हम अगले मैच में बेहतर प्रदर्शन करेंगे।"

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