Elephant Attack : हाथियों के झुंड ने पंडो जनजाति के दो बच्चों को उतारा मौत के घाट, ग्रामीणों में दहशत...
वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं और हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए टीम तैनात कर दी है।
By : Rohit Banchhor
Update: 2024-11-10 04:43 GMT
Elephant Attack : सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना घटी, जहां हाथियों के झुंड ने पंडो जनजाति के दो मासूम बच्चों को कुचलकर मार डाला। यह घटना शनिवार रात करीब 1 बजे की है, जब महेशपुर के चितखई गांव में जंगल के पास झोपड़ी में सो रहे एक परिवार पर हाथियों का दल हमला कर बैठा।
Elephant Attack : बता दें कि बिखू पंडो अपने परिवार के साथ झोपड़ी में सो रहे थे, जब अचानक 11 हाथियों का झुंड उनकी झोपड़ी के पास पहुंचा और उसे तोड़ने लगा। इस हमले के दौरान बिखू पंडो और उनकी पत्नी ने तीन बच्चों के साथ किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई, लेकिन उनके दो बच्चे बिसू पंडो 11 वर्ष और काजल 5 वर्ष गहरी नींद में थे और भाग नहीं सके। जिससे हाथियों ने दोनों बच्चों को कुचलकर मार डाला।
Elephant Attack : इस दर्दनाक हादसे के बाद परिवार ने रातभर गांव में शरण ली और सुबह ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने देखा कि झोपड़ी पूरी तरह से तहस-नहस हो चुकी थी और पास ही दोनों बच्चों के शव पड़े थे। हाथियों ने झोपड़ी में रखा अनाज भी खा लिया था।
Elephant Attack : वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची-
घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग के डीएफओ आरआर पैकरा, फॉरेस्ट एसडीओ अनिल सिंह, और प्रेमनगर रेंजर रामचंद्र प्रजापति अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। दोनों बच्चों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। बताया जा रहा है कि यह हाथियों का दल उदयपुर क्षेत्र से प्रेमनगर वनक्षेत्र में कई दिनों से विचरण कर रहा है, लेकिन निगरानी में लगे दल ने परिवार को समय रहते सतर्क नहीं किया था।
Elephant Attack : ग्रामीणों में दहशत का माहौल-
हाथियों की इस घटना से चितखई और आसपास के गांवों में दहशत फैल गई है। प्रेमनगर के बिरंचीबाबा जंगल में डटे हुए इन हाथियों से स्थानीय लोग भयभीत हैं और वन विभाग से सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं और हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए टीम तैनात कर दी है।