Doctor Certificate Scam : सूरत में फेक डॉक्टर सर्टिफिकेट घोटाला, मास्टरमाइंड समेत 14 लोग गिरफ्तार...
यह घोटाला दो दशकों से चल रहा था, और इसके जरिए अयोग्य व्यक्तियों को फर्जी मेडिकल डिग्रियां जारी की जा रही थीं।
Doctor Certificate Scam : सूरत। गुजरात के सूरत शहर में एक बड़े मेडिकल डिग्री घोटाले का खुलासा हुआ है, जिसमें 14 लोग गिरफ्तार किए गए हैं, जिनमें मास्टरमाइंड अहमदाबाद के डॉक्टर बीके रावत और सूरत के डॉक्टर रसेश गुजराती शामिल हैं। यह घोटाला दो दशकों से चल रहा था, और इसके जरिए अयोग्य व्यक्तियों को फर्जी मेडिकल डिग्रियां जारी की जा रही थीं।
Doctor Certificate Scam : पुलिस ने बताया कि इस रैकेट के तहत 1,500 से अधिक फर्जी डॉक्टरों को मेडिकल डिग्रियां दी गईं। इन डिग्रियों को बोर्ड ऑफ इलेक्ट्रो होम्योपैथिक मेडिसिन के नाम से जारी किया गया, जबकि यह संस्था अस्तित्व में ही नहीं थी। आरोपी डॉक्टर रावत और गुजराती ने इस घोटाले को अंजाम देने के लिए डिप्लोमा इन होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी (डीएचएमएस) के डिग्रीधारक के रूप में काम किया। ये फर्जी डिग्रियां 70 से 80 हजार रुपये में बेची जाती थीं, और इसके बाद डॉक्टर इन प्रमाणपत्रों के आधार पर क्लीनिक चला रहे थे।
Doctor Certificate Scam : सूरत के पांडेसरा क्षेत्र में पुलिस ने तीन क्लीनिकों पर छापा मारा, जहां फर्जी डॉक्टर काम कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि इन डिग्रियों का नवीनीकरण हर साल 5,000 रुपये के शुल्क पर किया जाता था। इसके अलावा, आरोपी ने बेरोजगार 10वीं और 12वीं पास युवकों को नौकरी देने का लालच देकर उन्हें फर्जी डिग्रियां दीं। 1992 से चल रहे इस रैकेट में अब तक 1200 लोगों को फर्जी डिग्री दी जा चुकी हैं।
Doctor Certificate Scam : सूरत पुलिस के अनुसार, रसेश गुजराती कांग्रेस से जुड़ा हुआ है और सूरत डॉक्टर सेल का अध्यक्ष भी है। उसने इस घोटाले के लिए दो अन्य लोगों इरफान और सोबित सिंह को भी भर्ती किया था, जो लोगों को फर्जी डॉक्टर बनने का मौका दिलाते थे, भले ही वे केवल 10वीं पास हों। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी रखी है और मामले की जांच की जा रही है।
Doctor Certificate Scam : कांग्रेस पार्टी ने भी इस मामले में बयान जारी किया है, जिसमें कहा गया कि झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। कांग्रेस नेता हेमांग वासवदा ने कहा कि यह घोटाला बहुत गंभीर है और नियमों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।