CSMCL Overtime Scam : रायपुर। छत्तीसगढ़ में शराब दुकानों से जुड़े ओवरटाइम भुगतान घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए ACB-EOW ने मैनपावर एजेंसी के दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। इस केस में करोड़ों के फर्जी भुगतान और कमीशनखोरी का बड़ा नेटवर्क सामने आ रहा है।

गिरफ्तार आरोपियों में ईगल हंटर सॉल्यूशन लिमिटेड के फील्ड ऑफिसर अभिषेक कुमार सिंह और अकाउंटेंट तिजऊ राम निर्मलकर शामिल हैं। दोनों को 19 अप्रैल 2026 को हिरासत में लिया गया और 20 अप्रैल को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 27 अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।

ED की कार्रवाई से खुली परतें-

मामले की जड़ तब सामने आई जब Enforcement Directorate (ED) ने 29 नवंबर 2023 को 28.80 लाख रुपए नकद जब्त किए। इस इनपुट के आधार पर ACB-EOW ने जांच शुरू की, जिसमें ओवरटाइम भुगतान के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया।

115 करोड़ का खेल, कर्मचारियों तक नहीं पहुंचा पैसा-

जांच में खुलासा हुआ कि 2019-20 से 2023-24 के बीच करीब 115 करोड़ रुपए ओवरटाइम के नाम पर जारी किए गए। नियम के मुताबिक यह रकम शराब दुकानों के कर्मचारियों को मिलनी थी, लेकिन वास्तविकता में यह राशि एजेंसियों और अधिकारियों के बीच कमीशन के तौर पर बांट दी गई।

रिश्वत सप्लाई चैन में अहम भूमिका-

जांच एजेंसी के अनुसार, गिरफ्तार दोनों आरोपी 28.80 लाख रुपए की नकद राशि CSMCL अधिकारियों तक पहुंचाने की कड़ी थे। यह रकम कथित तौर पर आगे अन्य आरोपियों को सौंपनी थी। जांच में यह भी सामने आया है कि यह पैसा अंततः अनवर ढेबर तक पहुंचता था।

गंभीर धाराओं में केस दर्ज-

इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 (बी), 8 और IPC की धारा 467, 468, 471, 120-बी के तहत अपराध दर्ज किया गया है। ACB-EOW का कहना है कि पूछताछ में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। आने वाले दिनों में इस घोटाले से जुड़े और नाम सामने आने की संभावना है।

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