Mohammad Akbar Raipur News: जीवित महिला को मृत बताकर राशन कार्ड निरस्त! साकरा बानो के मामले में पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने दस्तावेजी एवं वीडियो साक्ष्यों के साथ उठाए सवाल
Mohammad Akbar Raipur News: छत्तीसगढ़ के पूर्व खाद्य मंत्री मोहम्मद अकबर ने जीवित महिला साकरा बानो का राशन कार्ड रद्द होने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने 2 साल में 1.17 लाख कार्ड निरस्त होने पर जांच की मांग की।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व खाद्य मंत्री मोहम्मद अकबर ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में राशन कार्ड निरस्तीकरण को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दस्तावेजी एवं वीडियो साक्ष्यों के साथ रायपुर के सुभाष नगर निवासी श्रीमती साकरा बानो का मामला सामने रखते हुए बताया कि जीवित होने के बावजूद उन्हें मृत दर्ज कर उनके अंत्योदय राशन कार्ड को निरस्त कर दिया गया और उन्हें राशन के अधिकार से वंचित कर दिया गया।
पूर्व मंत्री ने कहा कि जब एक जीवित महिला को सरकारी रिकॉर्ड में मृत बताकर उसके राशन का अधिकार छीन लिया जाता है, तो यह केवल रिकॉर्ड की गलती का मामला नहीं, बल्कि एक गरीब परिवार के खाद्य सुरक्षा के अधिकार से जुड़ा गंभीर प्रश्न है। इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए और पीड़ित महिला का राशन कार्ड तत्काल बहाल किया जाना चाहिए।
उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि विभागीय समीक्षा के अनुसार छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 83.33 लाख राशन कार्ड प्रचलित हैं, जिनमें 274.04 लाख सदस्य पंजीकृत हैं। वर्ष 2025 की अनुमानित 3.08 करोड़ आबादी के आधार पर प्रदेश में पीडीएस का कवरेज लगभग 89 प्रतिशत बताया गया है। इसका अर्थ है कि खाद्य सुरक्षा के दायरे को शत-प्रतिशत तक पहुंचाने की दिशा में अभी भी गंभीर प्रयासों की आवश्यकता है।
अकबर ने 22 जुलाई 2026 को लोकसभा में दिए गए एक उत्तर का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में वर्ष 2024 के दौरान 57,371 और वर्ष 2025 के दौरान 60,496 राशन कार्ड निरस्त किए गए। इस प्रकार दो वर्षों में कुल 1,17,867 राशन कार्ड निरस्त हुए। उन्होंने सवाल किया कि इतने बड़े पैमाने पर राशन कार्ड निरस्त करने के पीछे क्या आधार था? क्या प्रत्येक मामले की उचित जांच की गई? क्या प्रभावित परिवारों को इसकी सूचना दी गई और क्या पात्र परिवारों के पास अपनी बात रखने का अवसर था?
उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि राशन कार्ड निरस्तीकरण के लिए अलग-अलग मानदंड क्यों अपनाए जा रहे हैं और यह कैसे सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी पात्र परिवार खाद्य सुरक्षा से वंचित न हो। साकरा बानो का मामला इस प्रक्रिया की पारदर्शिता, सत्यापन और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
पूर्व मंत्री अकबर ने खाद्य मंत्री से मांग की कि साकरा बानो के मामले में तत्काल संज्ञान लेकर पूरे प्रकरण की जांच कराई जाए, दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए और उनका अंत्योदय राशन कार्ड बहाल किया जाए। साथ ही, निरस्त किए गए सभी राशन कार्डों की समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी जीवित व्यक्ति को मृत दर्ज करके अथवा किसी अन्य त्रुटिपूर्ण प्रक्रिया के कारण पात्र परिवार को राशन से वंचित न होना पड़े।
उन्होंने सवाल किया कि क्या प्रदेश सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली का कवरेज शत-प्रतिशत करने, निरस्त राशन कार्डों की पारदर्शी समीक्षा कराने और प्रत्येक पात्र परिवार तक खाद्यान्न पहुंचाने के लिए ठोस कदम उठाएगी? खाद्य सुरक्षा योजना का उद्देश्य जरूरतमंदों को भोजन का अधिकार सुनिश्चित करना है, न कि सरकारी रिकॉर्ड की त्रुटियों के कारण उन्हें उनके अधिकार से वंचित करना।